इजराइल ने 8 जून 2025 को ग्रेटा थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को गाजा जाने वाले एक सहायता जहाज मैडलीन (Madeline) को रोक लिया, जो फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन का हिस्सा था। इस गठबंधन का उद्देश्य गाजा में इजराइल की नाकेबंदी को चुनौती देना और मानवीय सहायता पहुंचाना था। जहाज पर 12 कार्यकर्ता सवार थे, जिनमें स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल थीं।
इजराइल के घटना का समय और स्थान
8 जून, 2025 को इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन के सहायता जहाज, मैडलीन, को रोकने का आदेश दिया, जिस पर ग्रेटा थनबर्ग सहित 12 कार्यकर्ता सवार थे। यह जहाज गाजा की ओर जा रहा था ताकि इजराइल की नाकेबंदी को चुनौती दी जा सके और मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके। 9 जून, 2025 को इजराइली नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय जल में इस जहाज पर कब्जा कर लिया और इसे इजराइल के अशदोद बंदरगाह ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, और जहाज को इजराइली अधिकारियों के नियंत्रण में रखा गया।

इजराइल का जहाज को रोकने का तर्क
इजराइल ने मैडलीन जहाज को रोकने की अपनी कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। इजराइली अधिकारियों का दावा है कि गाजा पर 2007 से लागू नाकेबंदी हमास को हथियारों और अन्य सैन्य सामग्री की आपूर्ति रोकने के लिए जरूरी है, क्योंकि हमास को वे आतंकवादी संगठन मानते हैं। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि फ्रीडम फ्लोटिला का जहाज बिना अनुमति के इजराइली समुद्री सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, जो उनके अनुसार अवैध था। इजराइल ने जहाज पर सवार कार्यकर्ताओं, जिनमें ग्रेटा थनबर्ग शामिल थीं, को “आतंकवादी सहानुभूति रखने वाले” करार दिया और तर्क दिया कि ऐसी गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकती हैं। इसलिए, जहाज को अशदोद बंदरगाह ले जाकर और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इजराइल ने अपनी सुरक्षा नीतियों को लागू करने का दावा किया।

फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधने इजराइली नाकेबंदी को चुनौती दी
फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन का प्राथमिक उद्देश्य गाजा में 2007 से लागू इजराइली नाकेबंदी को चुनौती देना और वहां के निवासियों तक मानवीय सहायता पहुंचाना है। गठबंधन का दावा है कि यह नाकेबंदी गाजा की 20 लाख से अधिक आबादी के लिए गंभीर मानवीय संकट का कारण बन रही है, जिससे भोजन, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो रही है। मैडलीन जैसे उनके जहाज सहायता सामग्री लेकर गाजा की ओर बढ़ते हैं ताकि नाकेबंदी की वैधता पर सवाल उठाया जाए और वैश्विक समुदाय का ध्यान गाजा के लोगों की दुर्दशा की ओर आकर्षित किया जाए। फ्रीडम फ्लोटिला अपनी कार्रवाइयों को गैर-हिंसक प्रतिरोध का हिस्सा मानता है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गाजा के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और नाकेबंदी के कारण होने वाली मानवीय त्रासदी को उजागर करना है। यह गठबंधन न केवल सहायता प्रदान करने का प्रयास करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने और दबाव बनाने की कोशिश भी करता है ताकि नाकेबंदी हटाई जा सके।

ग्रेटा थनबर्ग की फ्रीडम फ्लोटिला में भूमिका
ग्रेटा थनबर्ग की फ्रीडम फ्लोटिला में भूमिका एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में थी, जो गाजा में इजराइली नाकेबंदी को चुनौती देने और वहां के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के मिशन का हिस्सा बनीं। स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता के तौर पर वैश्विक पहचान रखने वाली थनबर्ग ने मैडलीन जहाज पर 12 अन्य कार्यकर्ताओं के साथ यात्रा की, जो गाजा के लिए राहत सामग्री जैसे भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं लेकर जा रहा था। उनकी भागीदारी का उद्देश्य गाजा के मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना और नाकेबंदी के खिलाफ गैर-हिंसक प्रतिरोध को समर्थन देना था। थनबर्ग ने इस मिशन में शामिल होकर अपनी जलवायु सक्रियता के साथ-साथ सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया। उनकी उपस्थिति ने इस अभियान को वैश्विक सुर्खियां दिलाईं, जिससे गाजा की स्थिति पर बहस और तेज हुई। हालांकि, इजराइली नौसेना द्वारा जहाज को रोक लिए जाने और थनबर्ग सहित कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद, उनकी भूमिका ने और भी ध्यान आकर्षित किया, जिससे नाकेबंदी और इजराइल की नीतियों पर वैश्विक चर्चा को बल मिला।