दिल्ली में नौसेना भवन के पास पाक जासूस गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप विशाल यादव पाकिस्तानी एजेंसी के लिए जासूसी कर रहा था,कैसे हुआ जासूस का पर्दाफाश?,कौन है विशाल यादव?,शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत कार्रवाई,देश की सुरक्षा में बड़ी सेंध,क्या कर रही हैं सुरक्षा एजेंसियां?
दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। देश की राजधानी स्थित नौसेना भवन (Naval Headquarters) के पास से एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम विशाल यादव है, जो हरियाणा के रेवाड़ी जिले के पुनसिका गांव का रहने वाला है।
कैसे हुआ जासूस का पर्दाफाश?
राजस्थान पुलिस की सीआईडी इंटेलिजेंस विंग ने 25 जून को यह बड़ी कार्रवाई की। जांच में पता चला कि विशाल यादव भारतीय नौसेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेज रहा था। वह अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के पद पर कार्यरत था और काफी समय से संवेदनशील दस्तावेजों की जानकारी लीक कर रहा था।

कौन है विशाल यादव?
विशाल यादव की पहचान एक सरकारी कर्मचारी के रूप में हुई है, जो नौसेना भवन में काम कर रहा था। वह काफी समय से संवेदनशील फाइलों, दस्तावेजों और आंतरिक जानकारियों तक पहुंच रखता था। पूछताछ में उसने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए उसकी पाकिस्तान के एजेंटों से संपर्क हुआ था।
शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत कार्रवाई
राजस्थान पुलिस ने विशाल यादव को शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 (Official Secrets Act) के तहत गिरफ्तार किया है। यह अधिनियम ऐसे मामलों में लागू होता है जहां राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित जानकारी दुश्मन देश को दी जा रही हो। प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।

देश की सुरक्षा में बड़ी सेंध
इस मामले से साफ हो गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां भारत की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियों को जुटाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। यह घटना भारतीय सुरक्षा प्रणाली के लिए एक चेतावनी है कि अंदरूनी स्रोतों से भी खतरा हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
क्या कर रही हैं सुरक्षा एजेंसियां?
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:
- उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं?
- वह किन-किन दस्तावेजों को लीक कर चुका है?
- इसके पीछे कोई बड़ा जासूसी रैकेट तो नहीं चल रहा?
RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग), IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

दिल्ली में नौसेना भवन के पास से पाक जासूस की गिरफ्तारी एक बड़ा सुरक्षा खतरा है। इससे यह बात साफ होती है कि दुश्मन देश के एजेंट भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को किसी भी तरीके से हासिल करने में लगे हैं। अब ज़रूरत है कि सभी सरकारी और रक्षा विभागों में साइबर सुरक्षा, सूचना गोपनीयता और कर्मचारी सत्यापन को और मजबूत किया जाए।