रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है

रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है

रवि घई एक ऐसा नाम है जो भारत की हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में एक बड़ा ब्रांड बन चुका है। वह ग्रेविस ग्रुप के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं, जिसके तहत इंटरकॉन्टिनेंटल मरीन ड्राइव होटल, ब्रुकलिन क्रीमरी, और क्वालिटी आइसक्रीम जैसे बड़े ब्रांड्स संचालित होते हैं। हाल ही में, उनकी पोती सानिया चंडोक और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की सगाई की खबरों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। इसके अलावा, उनके बेटे गौरव घई के साथ पारिवारिक और कानूनी विवाद ने भी चर्चा बटोरी है।

रवि घई कौन हैं?

रवि घई का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था, और उनके पिता इकबाल के. घई ने 1940 के दशक में क्वालिटी आइसक्रीम और नटराज होटल (अब इंटरकॉन्टिनेंटल मरीन ड्राइव) की नींव रखी थी। रवि ने अपने पिता के बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह ग्रेविस ग्रुप के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन रहे हैं, जो आज हॉस्पिटैलिटी, आइसक्रीम, और रेस्तरां चेन में एक बड़ा नाम है। उनकी कंपनी ग्रेविस हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड शेयर बाजार में लिस्टेड है, जिसका मार्केट कैप 302.67 करोड़ रुपये है, और रवि घई के पास इसमें 21 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर हैं।

ग्रेविस ग्रुप: एक बिजनेस साम्राज्य

ग्रेविस ग्रुप का बिजनेस कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। यह समूह हॉस्पिटैलिटी, आइसक्रीम, फ्रोजन डेजर्ट, और रेस्तरां जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। ग्रुप के कुछ प्रमुख ब्रांड्स हैं:

  • इंटरकॉन्टिनेंटल मरीन ड्राइव होटल: मुंबई के प्रीमियम लोकेशन पर स्थित यह होटल ग्रेविस ग्रुप का एक रत्न है।
  • क्वालिटी आइसक्रीम: यह ब्रांड भारत के आइसक्रीम मार्केट में एक जाना-माना नाम है।
  • ब्रुकलिन क्रीमरी: लो-कैलोरी आइसक्रीम ब्रांड जो युवाओं में खासा लोकप्रिय है।
  • बास्किन रॉबिन्स: ग्रेविस ग्रुप SAARC क्षेत्र में इस अंतरराष्ट्रीय आइसक्रीम चेन का संचालन करता है।
  • ज़फरान रेस्तरां चेन और 6th स्ट्रीट योगर्ट: ये ब्रांड्स ग्रुप के फूड डिवीजन का हिस्सा हैं।

ग्रेविस ग्रुप की कुल नेटवर्थ 800 से 1000 करोड़ रुपये के बीच अनुमानित है, जो इसके निजी और लिस्टेड एसेट्स को मिलाकर है।

रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है
रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है

पारिवारिक और कानूनी विवाद

रवि घई का नाम हाल के वर्षों में कई विवादों से भी जुड़ा रहा है। 2013 में, उनके कोलाबा स्थित होटल की प्रॉपर्टी लीज और मैनेजमेंट एग्रीमेंट को लेकर एक कानूनी विवाद सामने आया था, जो बाद में सुलझ गया।

हालांकि, सबसे बड़ा विवाद उनके बेटे गौरव घई के साथ रहा। 2020 में, रवि घई ने अपने बेटे को अपने 49% शेयर गिफ्ट डीड के जरिए ट्रांसफर किए थे, जब वह कैंसर के इलाज के लिए लंदन और दुबई में थे। रवि का दावा है कि उनके बेटे ने उनकी बीमारी का फायदा उठाकर कंपनी पर नियंत्रण हासिल कर लिया और उनके हस्ताक्षरों का दुरुपयोग किया। 2021 और 2023 के फैमिली सेटलमेंट एग्रीमेंट्स के तहत रवि ने गौरव को 51% प्रमोटर शेयर ट्रांसफर किए और बदले में 235 करोड़ रुपये प्राप्त किए।

लेकिन अब रवि घई इन समझौतों की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं और इन्हें रद्द करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में आर्बिट्रेशन की मांग की है। उन्होंने अपने बेटे पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज की। गौरव घई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक सिविल मामला है और उनके पिता को बाहरी ताकतों द्वारा गुमराह किया जा रहा है।

सानिया चंडोक और तेंदुलकर परिवार से रिश्ता

हाल ही में, रवि घई की पोती सानिया चंडोक की सगाई क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर (सचिन तेंदुलकर के बेटे) से हुई, जिसने घई परिवार को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। यह सगाई 13 अगस्त 2025 को मुंबई में एक निजी समारोह में हुई। सानिया चंडोक मुंबई के Mr. Paws Pet Spa & Store LLP में डेजिगनेटेड पार्टनर और डायरेक्टर हैं। यह रिश्ता घई और तेंदुलकर परिवारों के बीच एक मजबूत सामाजिक और व्यावसायिक बंधन को दर्शाता है।

रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है
रवि घई: मुंबई के बिजनेस टायकून जिनका नाम हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में गूंजता है

क्वालिटी ब्रांड का इतिहास

क्वालिटी ब्रांड की शुरुआत 1940 में रवि घई के पिता इकबाल घई और उनके पार्टनर पी.एल. लांबा ने दिल्ली में हस्तनिर्मित आइसक्रीम बेचकर की थी। 1979 में परिवार के बीच बंटवारे के बाद, क्वालिटी ब्रांड के अधिकार घई परिवार के पास रहे। हालांकि, 1994 में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने आइसक्रीम और आइसक्रीम स्टिक्स के लिए क्वालिटी ट्रेडमार्क खरीद लिया, लेकिन इसका कॉपीराइट ग्रेविस ग्रुप के पास रहा।

2013 में, रवि घई ने लांबा परिवार पर क्वालिटी ब्रांड के कॉपीराइट को अवैध रूप से क्वालिटी लिमिटेड को बेचने का आरोप लगाया। इस मामले में कोर्ट ने लांबा और क्वालिटी लिमिटेड को ब्रांड का उपयोग करने से रोक दिया।

निष्कर्ष

रवि घई की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार से शुरू होकर एक बिजनेस साम्राज्य के निर्माण तक की प्रेरक यात्रा है। उनके नेतृत्व में ग्रेविस ग्रुप ने हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई। हालांकि, पारिवारिक और कानूनी विवादों ने उनके जीवन में कुछ कड़वाहट भी लाई है। फिर भी, उनकी पोती की सगाई जैसे निजी अवसर और उनके बिजनेस की उपलब्धियां उन्हें सुर्खियों में बनाए रखती हैं। रवि घई का योगदान भारतीय उद्योग जगत में हमेशा याद किया जाएगा।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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