लग्जरी सेस GST में शामिल होगा 12% के स्लैब को समाप्त करने से कुछ कीमतें घटेंगी या बढ़ेंगी
विशेष संवाददाता. सिन गुड्स यानी तंबाकू, शराब और लग्जरी उत्पादों पर लगाए जाने वाले कंपनसेशन सेस को अब इनकी जीएसटी दर में ही समाहित किए जाने पर विचार किया जा रहा है. जीएसटी परिषद में हो रही चर्चाओं के अनुसार केंद्र सरकार अब कार, तंबाकू और शीतल पेयों जैसी वस्तुओं पर लगने वाले सेस को जीएसटी दर में मिलाने के लिए तैयार है। यह उपकर मूलतः राज्यों को जीएसटी के कारण होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए लगाया गया था. वर्ष 2022 में इसे मार्च 2026 तक बढ़ाया गया था, ताकि महामारी के को दिए गए केंद्रीय ऋण की वसूली की जा सके। इससे राज्यों की राजस्व आय में वृद्धि होगी।
इस वर्ष उपकर से 1.67 लाख करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है लेकिन इसका संग्रहण मार्च में समाप्त हो जाएगा। अगर इस उपकर को जीएसटी में शामिल कर लिया गया तो उपभोक्ताओं पर इसका कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। उदाहरण के लिए एक एसयूवी जिस पर अभी 28% जीएसटी और 22% उपकर लगता है उस पर अब सिर्फ एक उच्च दर का जीएसटी लगेगा. कुल दर वही रहेगी।
कर साझा करने की संरचना
जीएसटी के तहत केंद्र और राज्य सीजीएसटी और एसजीएसटी के रूप में कर संग्रह करते हैं. जहां एसजीएसटी पूरी मिलेगा। वर्तमान में केंद्र सरकार अपनी कुल कर आय का 41% राज्यों को देती है। अक्टूबर में अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाला 16वां वित्त आयोग 2027 से अगले 5 वर्षों के लिए इस हिस्सेदारी का नया फॉर्मूला सुझाएगा। जीएसटी परिषद मुआवजा उपकर पर अंतिम निर्णय नहीं ले पाई तो केंद्र परिषद के निर्णय के लिए आयोग को अतिरिक्त समय देने पर विचार कर सकता है।

12% जीएसटी स्लैब हटाने की योजना
केंद्र सरकार 12% जीएसटी स्लैब को हटाकर उसमें आने वाले अधिकांश उत्पादों को 5% स्लैब में लाने पर भी विचार कर रही है, ताकि जीएसटी दर संरचना को सरल बनाया जा सके और उपभोक्ताओं को लाभ मिल सके. एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए राज्यों की सहमति जरूरी होगी, क्योंकि इससे इन उत्पादों पर कर दर में 7% की कटौती हो जाएगी। जीएसटी परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं और यह बैठक जुलाई के तीसरे सप्ताह या संसद के मानसून सत्र के बाद होने की संभावना है।

12% स्लैब में कौन-कौन से उत्पाद
12% जीएसटी स्लैब में वे उत्पाद आते हैं जो साधारण उपभोग से ऊपर और लग्जरी से नीचे होते हैं।
- चीज
- मीठी टॉफी
- संरक्षित मछली
- दूध युक्त पेय
- 1,000 रुपये से ऊपर के वस्त्र
- 1,000 तक के जूते-चप्पल
- क्लीन ऊर्जा उपकरण
GST को लेकर विशेषज्ञों की राय
नेक्सडिग्म में अप्रत्यक्ष कर मामलों के वरिष्ठ निदेशक प्रभात रंजन ने कहा कि 12% स्लैब को समाप्त करने का कदम रणनीतिक और महत्वपूर्ण है। इससे वर्गीकरण में अस्पष्टता कम होगी, अनुपालन में सरलता आएगी और जीएसटी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह वैश्विक मानकों के अनुरूप है और स्थिर व्यापार वातावरण बनाने में मदद करेगा। 5% स्लैब में वस्तुओं के स्थानांतरण से आम उपभोक्ता वस्तुओं के दाम घट सकते हैं जिससे खरीदारी बढ़ेगी. हालांकि अगर कुछ वस्तुएं 18% स्लैब में स्थानांतरित होती हैं तो उनमें मूल्य वृद्धि हो सकती है जिससे कुछ उपभोक्ता वर्ग प्रभावित होंगे।

दवाओं पर भी 5% हो जीएसटी
उन्होंने कहा कि जीवनरक्षक दवाएं जीएसटी से मुक्त हैं या 5% स्लैब में आती हैं, जबकि अन्य सामान्य दवाएं अभी 12% स्लैब में हैं. ऐसी आवश्यक दवाओं को भी 5% स्लैब में लाया जाना चाहिए।