बाजार का प्रदर्शन
- सेंसेक्स: दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 400 अंकों की तेजी के साथ 82,068.71 पर कारोबार कर रहा था, जो 0.43% की बढ़त दर्शाता है। हालांकि, दिन के अंत तक यह 455 अंकों की बढ़त के साथ 82,176 पर बंद हुआ।
- निफ्टी: निफ्टी 50 ने भी शुरुआत में 113.5 अंकों (0.46%) की तेजी दिखाई और 24,966.65 पर कारोबार किया। अंत में यह 25,001 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र की तुलना में मामूली बढ़त दर्शाता है।
- अस्थिरता: दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कुछ दबाव देखा गया, जिससे बाजार अपने उच्च स्तर से नीचे आया।
मिश्रित रुझानों के प्रमुख कारण
27 मई 2025 को सेंसेक्स और निफ्टी में मिश्रित रुझान देखे गए, जो वैश्विक और घरेलू कारकों के संयोजन से प्रभावित हुए। वैश्विक संकेत प्रमुख कारण रहे, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों और व्यापार समझौतों पर अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा की। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 10.9 बेसिस पॉइंट की बढ़त (4.54%) ने निवेशकों में सतर्कता बढ़ाई, क्योंकि यह पूंजी के प्रवाह को प्रभावित करता है। एशियाई बाजारों में भी मिश्रित प्रदर्शन रहा; जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुआ। घरेलू कारक भी महत्वपूर्ण रहे। मेटल, आईटी, और ऑटो सेक्टर में खरीदारी ने बाजार को शुरुआती समर्थन दिया, लेकिन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। संस्थागत गतिविधियाँ प्रभावशाली रहीं; विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने हाल ही में भारी निकासी (20 मई को 10,016 करोड़ रुपये) की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी कर गिरावट को सीमित किया। कॉर्पोरेट नतीजों में मिश्रित प्रदर्शन, जैसे जेएसडब्ल्यू स्टील की मुनाफा वृद्धि और बजाज ऑटो की बिक्री में कमी, ने निवेशक सेंटीमेंट को प्रभावित किया। जियोपॉलिटिकल स्थिरता, जैसे भारत-पाकिस्तान युद्धविराम समझौता, ने सकारात्मक माहौल बनाया, लेकिन वैश्विक व्यापार तनावों ने इसे सीमित किया। आर्थिक संकेतक जैसे रुपये की मजबूती (85.48) और तेल की नरम कीमतों ने भी बाजार को कुछ समर्थन दिया। इन कारकों ने मिलकर बाजार में उतार-चढ़ाव को बढ़ाया।

तकनीकी विश्लेषण
- निफ्टी:
- सेंसेक्स:
- वॉलेटिलिटी इंडेक्स (VIX): भारत VIX में कमी आई, जो निवेशकों के बीच कम डर का संकेत देता है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सतर्कता बनी रही।
निवेशकों के लिए सुझाव
27 मई 2025 को सेंसेक्स और निफ्टी में मिश्रित रुझानों के बीच निवेशकों को सतर्क और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वैश्विक अनिश्चितताओं, जैसे अमेरिकी टैरिफ नीतियाँ और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि, के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को निफ्टी के सपोर्ट लेवल (24,400-24,500) और रेजिस्टेंस (25,100-25,200) पर नजर रखनी चाहिए। मजबूत सेक्टरों जैसे मेटल, आईटी, और एनर्जी में निवेश के अवसर तलाशें, जहाँ टाटा मोटर्स, टीसीएस, और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सावधानी बरतें, क्योंकि इनमें गिरावट का जोखिम है। पोर्टफोलियो विविधीकरण महत्वपूर्ण है; ब्लू-चिप शेयरों और डिफेंसिव स्टॉक्स में निवेश जोखिम को कम कर सकता है। यूपीआई ट्रांजैक्शन सीमाओं की जाँच करें, क्योंकि अस्पतालों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए सीमा 5 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है। मुनाफावसूली के अवसरों का लाभ उठाएँ, लेकिन दीर्घकालिक निवेश के लिए मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान दें।

प्रमुख प्रभाव
निवेशकों की संपत्ति: मिश्रित रुझानों के बावजूद, BSE-सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 439.09 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले सत्रों की तुलना में स्थिर रहा।
सेक्टर प्रदर्शन: मेटल और आईटी सेक्टर में तेजी ने बाजार को सपोर्ट किया, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी में कमजोरी ने दबाव बनाया।
निवेशक सेंटीमेंट: निवेशकों में सतर्कता बनी रही, क्योंकि वैश्विक व्यापार तनाव और मिश्रित कॉर्पोरेट नतीजों ने अनिश्चितता बढ़ाई। कुछ निवेशकों ने इसे “खरीदारी का अवसर” माना, जबकि अन्य ने और स्पष्टता की प्रतीक्षा की।
