सोनिया गांधी की वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का पलटवार: पूरी कहानी

सोनिया गांधी की वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का पलटवार: पूरी कहानी

13 अगस्त 2025, नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट इतिहास पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी का दावा है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था, जब वे भारतीय नागरिक भी नहीं थीं। यह राजनीतिक पलटवार उस समय आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। आइए, इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के तथ्यों को समझें।

बीजेपी का आरोप: सोनिया गांधी का नाम गैर-कानूनी रूप से वोटर लिस्ट में

बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था, जबकि वे उस समय इटली की नागरिक थीं। मालवीय ने 1980 की मतदाता सूची का एक कथित दस्तावेज साझा करते हुए कहा, “सोनिया गांधी का भारत की वोटर लिस्ट के साथ रिश्ता गंभीर उल्लंघनों से भरा है। यह शायद बताता है कि राहुल गांधी अवैध मतदाताओं को नियमित करने और विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध क्यों करते हैं।”

उनके अनुसार, सोनिया गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में तब जोड़ा गया जब गांधी परिवार 1, सफदरजंग रोड पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक आवास पर रहता था। उस समय वहां दर्ज मतदाताओं में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी और मेनका गांधी शामिल थे। मालवीय ने दावा किया कि यह भारतीय कानून का उल्लंघन था, क्योंकि मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता अनिवार्य है।

1982 में नाम हटाया, 1983 में फिर शामिल

मालवीय ने आगे आरोप लगाया कि 1982 में जनता के विरोध के बाद सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था, लेकिन 1983 में फिर से शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि 1983 में मतदाता सूची का संशोधन 1 जनवरी को हुआ था, लेकिन सोनिया गांधी को भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी। इस तरह, उनका नाम दो बार बिना नागरिकता के वोटर लिस्ट में शामिल किया गया, जो “स्पष्ट चुनावी कदाचार” है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “सोनिया गांधी का नाम 1980 से 1982 तक वोटर लिस्ट में था, जबकि उन्हें 1983 में नागरिकता मिली।” उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे निर्वाचन आयोग को बदनाम करने के लिए गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं।

सोनिया गांधी की वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का पलटवार: पूरी कहानी
सोनिया गांधी की वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का पलटवार: पूरी कहानी

कांग्रेस का जवाब: 45 साल पुराना मामला उठाना गलत

कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे 45 साल पुराने मामले को अनावश्यक रूप से उठाने की कोशिश बताया। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा, “निर्वाचन आयोग ने ही सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया था। उन्होंने स्वयं इसका अनुरोध नहीं किया था।” उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे निष्पक्षता से काम करना चाहिए।

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि बीजेपी वर्तमान मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस पुराने मामले को उठा रही है। उन्होंने बीजेपी पर सवाल उठाया कि वह आज के प्रासंगिक मुद्दों का जवाब क्यों नहीं दे रही।

‘वोट चोरी’ विवाद का पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने 7 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में पिछले साल हुए चुनावों में कथित तौर पर लाखों अवैध मतों की गिनती का दावा किया। राहुल ने कहा कि बेंगलुरु के महादेवपुरा में एक ही कमरे के मकान से 80 अवैध वोट डाले गए, जिससे कांग्रेस को एक लोकसभा सीट का नुकसान हुआ।

बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना सबूत के संवैधानिक संस्था को बदनाम कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने भी राहुल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह अपने आरोपों को हलफनामे के साथ साबित करें।

सोनिया गांधी की वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का पलटवार: पूरी कहानी
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निष्कर्ष: राजनीतिक पलटवार का नया दौर

सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट इतिहास पर बीजेपी का हमला और कांग्रेस का जवाब इस बात का संकेत है कि भारतीय राजनीति में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा अभी और गर्माएगा। यह मामला न केवल मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि दोनों दलों के बीच गहरी राजनीतिक खाई को भी उजागर करता है।

आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या यह बीजेपी का रणनीतिक पलटवार है, या वास्तव में सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट इतिहास में अनियमितताएं थीं? अपनी राय कमेंट में साझा करें!

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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