अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 Summit सम्मेलन को जल्दी छोड़कर वाशिंगटन लौटे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कनाडा में आयोजित G7 Summit सम्मेलन को जल्दी छोड़कर वाशिंगटन लौटने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है। यह सम्मेलन 15 से 17 जून 2025 तक कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में हो रहा था। ट्रंप ने इस दौरान ईरान को परमाणु हथियार योजनाओं को छोड़ने की चेतावनी दी और तेहरान को तुरंत खाली करने की सलाह दी।
व्हाइट हाउस ने सोमवार को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मध्य पूर्व की स्थिति के कारण कनाडा में आयोजित G7 Summit सम्मेलन से एक दिन पहले ही वापस लौट रहे हैं।जी-7 को यूक्रेन और इजरायल तथा ईरान के बीच संघर्षों पर एकता बनाने में संघर्ष करना पड़ा है, क्योंकि ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति खुले तौर पर समर्थन व्यक्त किया है तथा कई मौजूदा सहयोगियों पर टैरिफ लगा दिए हैं।
ट्रम्प ने पहले सभी से तेहरान को तुरंत खाली करने का आग्रह किया था, और दोहराया था कि ईरान को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए था।
प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक्स पर कहा, “बहुत कुछ हासिल किया गया था, लेकिन मध्य पूर्व में जो कुछ चल रहा है, उसके कारण राष्ट्रपति ट्रम्प आज रात राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद चले जाएंगे।”

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध विराम के उद्देश्य को देखते हुए ट्रंप का जाना सकारात्मक था।
ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ के G7 नेताओं ने मंगलवार तक कनाडाई रॉकीज में कनानास्किस के रिसॉर्ट क्षेत्र में बैठक की।इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद 2014 में रूस को बाहर निकालना पूर्व समूह आठ द्वारा गलत था।
ट्रंप ने कहा, “यह एक बड़ी गलती थी,” उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अगर पुतिन को बाहर नहीं किया जाता तो रूस 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण नहीं करता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं
G7 Summit सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं, हालांकि मध्य पूर्व के तनाव के कारण वे जल्दी लौट गए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रंप ने सम्मेलन में एक प्रभावी दिन बिताया और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। इसके अलावा, ट्रंप ने जी7 में रूस को पुनः शामिल करने और चीन को समूह में जोड़ने का प्रस्ताव रखा, जिससे वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा मिले। उन्होंने 2014 में रूस को हटाने के फैसले को गलत ठहराया। ट्रंप की सक्रिय भागीदारी ने वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा को प्रेरित किया।

मध्य पूर्व में तनाव जी7 शिखर सम्मेलन पर
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव जी7 शिखर सम्मेलन (15-17 जून 2025, अल्बर्टा, कनाडा) पर भारी पड़ा। इजरायल और ईरान के बीच चार दिन पहले शुरू हुए हवाई हमलों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी, जिसके कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सम्मेलन को जल्दी छोड़कर वाशिंगटन लौटने का फैसला किया। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार योजनाओं को त्यागने और तेहरान खाली करने की चेतावनी दी। इस तनाव ने जी7 की चर्चाओं को प्रभावित किया, जहां वैश्विक आर्थिक स्थिरता और शांति जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित होना था। ट्रंप के रूस और चीन को G7 में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी मध्य पूर्व की स्थिति की छाया पड़ी। इस घटनाक्रम ने कूटनीतिक प्रयासों को जटिल बना दिया और वैश्विक नेताओं के बीच समन्वय की जरूरत को रेखांकित किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हलचल
जी7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। भारत, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे देशों को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक स्थिरता, डिजिटल परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी।
ट्रंप के इस कदम ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है, और अब सभी की नजर इस बात पर है कि मध्य पूर्व में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा।