इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ने दिए 58% तक रिटर्न, लेकिन अब अधिकांश बंद: निवेश के लिए क्या हैं विकल्प?
पिछले एक साल में इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ने भारतीय निवेशकों को 58% तक का शानदार रिटर्न दिया है। यह प्रदर्शन भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की तुलना में कहीं बेहतर रहा, जिन्होंने इस दौरान औसतन 5% से भी कम रिटर्न दिया। हालांकि, सेबी (SEBI) के नियमों के कारण कई टॉप परफॉर्मिंग इंटरनेशनल फंड्स ने नए निवेश को बंद कर दिया है। इस लेख में हम जानेंगे कि इन फंड्स ने इतना शानदार प्रदर्शन कैसे किया, कौन से फंड्स अभी भी निवेश के लिए उपलब्ध हैं, और निवेशकों के लिए अब क्या विकल्प हैं।
इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स का शानदार प्रदर्शन
हाल के वर्षों में वैश्विक बाजारों, खासकर अमेरिका और चीन के टेक और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखा गया है। मिराए एसेट हैंग सेंग टेक ईटीएफ फंड ऑफ फंड (Mirae Asset Hang Seng TECH ETF FoF) ने 57.8% रिटर्न दिया, जो इस कैटेगरी में सबसे अधिक है। इसके अलावा, मिराए एसेट एनवायएसई फैन (Mirae Asset NYSE FANG+ETF FoF) ने 50.7% और निप्पॉन इंडिया ईटीएफ हैंग सेंग बीईएस (Nippon India ETF Hang Seng BeES) ने 42.5% रिटर्न दिया। ये आंकड़े 9 जुलाई 2025 तक के हैं।
चीन के शंघाई कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 35% तक की तेजी ने इन फंड्स के प्रदर्शन को बढ़ावा दिया। इसके विपरीत, भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी ने केवल 6% रिटर्न दिया। वैश्विक टेक स्टॉक्स और यूरोपीय बाजारों में बेहतर निवेशक भावना ने भी इन फंड्स को फायदा पहुंचाया।
सेबी के नियम और फंड्स पर रोक
सेबी ने विदेशी शेयरों में नए निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके कारण कई टॉप परफॉर्मिंग इंटरनेशनल फंड्स, जैसे मिराए एसेट और निप्पॉन इंडिया के कुछ फंड्स, नए निवेश के लिए बंद हो गए हैं। यह प्रतिबंध फंड हाउसेज द्वारा विदेशी निवेश की सीमा (हेडरूम लिमिट) के करीब पहुंचने के कारण लागू किया गया है।
हालांकि, 70 इंटरनेशनल फंड्स में से 26 अभी भी नए निवेश के लिए खुले हैं, और इनमें से अधिकांश सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश की अनुमति देते हैं। उदाहरण के लिए, एक्सिस म्यूचुअल फंड और एडलवाइस म्यूचुअल फंड अभी भी निवेश के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ फंड्स में प्रति पैन प्रति दिन 10 लाख रुपये की सीमा लागू है।

निवेश के लिए उपलब्ध टॉप इंटरनेशनल फंड्स
हालांकि कई फंड्स बंद हो चुके हैं, कुछ फंड्स अभी भी निवेशकों के लिए खुले हैं। इनमें शामिल हैं:
- एक्सिस ग्रेटर चाइना इक्विटी फंड ऑफ फंड: यह फंड ग्रेटर चाइना क्षेत्र (चीन, हांगकांग, ताइवान) में निवेश करता है और SIP के जरिए निवेश की अनुमति देता है।
- एडलवाइस यूएस टेक्नोलॉजी इक्विटी फंड ऑफ फंड: यह फंड अमेरिकी टेक कंपनियों में निवेश करता है और प्रति पैन प्रति दिन 10 लाख रुपये तक निवेश की अनुमति देता है।
- PGIM इंडिया ग्लोबल इक्विटी अपॉर्चुनिटीज फंड: यह फंड वैश्विक इक्विटी बाजारों में निवेश करता है और अभी भी नए निवेश के लिए खुला है।
इन फंड्स ने पिछले एक साल में 14.5% का औसत रिटर्न दिया है, जो भारतीय इक्विटी फंड्स की तुलना में बेहतर है।
निवेशकों के लिए सुझाव
- विविधीकरण: विशेषज्ञों का सुझाव है कि पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा इंटरनेशनल फंड्स में निवेश करना चाहिए ताकि जोखिम कम हो और वैश्विक अवसरों का लाभ उठाया जा सके।
- SIP का उपयोग: चूंकि कई फंड्स में लंपसम निवेश पर रोक है, SIP के जरिए नियमित निवेश एक बेहतर विकल्प है।
- जोखिम का आकलन: वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाएं, जैसे अमेरिका में ट्रंप-युग के टैरिफ, फंड्स के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, निवेश से पहले जोखिम का आकलन करें।
- लंबी अवधि का नजरिया: इंटरनेशनल फंड्स में निवेश लंबी अवधि के लिए करें, क्योंकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए समय जरूरी है।

निष्कर्ष
इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ने 2025 में 58% तक का शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन सेबी के नियमों के कारण कई फंड्स अब नए निवेश के लिए बंद हैं। फिर भी, एक्सिस, एडलवाइस और PGIM जैसे फंड हाउसेज में निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। निवेशकों को अपने जोखिम, निवेश क्षितिज और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर सावधानीपूर्वक निवेश करना चाहिए। वैश्विक बाजारों में विविधीकरण न केवल जोखिम को कम करता है, बल्कि दीर्घकालिक धन सृजन के लिए नए अवसर भी प्रदान करता है।