बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमत
बिटकॉइन वर्तमान में $104,000 के आसपास स्थिर है, लेकिन हाल ही में 9% की गिरावट के साथ $93,000 से नीचे भी गया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के अंत तक यह $250,000 तक पहुंच सकता है, खासकर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के क्रिप्टो-अनुकूल नीतियों के कारण।बिटकॉइन की कीमत हाल ही में $104,000 (लगभग 87 लाख रुपये) के आसपास स्थिर बनी हुई है, जो क्रिप्टो मार्केट में मजबूती का संकेत देता है। हालांकि, पिछले सप्ताह यह 9% गिरकर $93,000 से नीचे भी पहुंचा था। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के अंत तक यह $250,000 तक जा सकता है, खासकर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की क्रिप्टो-अनुकूल नीतियों और बिटकॉइन रिजर्व की मंजूरी के चलते। भारत में, सख्त नियमों और 1% टीडीएस व 30% मुनाफा कर के बावजूद, निवेशकों का उत्साह बना हुआ है। हालांकि, घोटालों और हैकिंग की घटनाओं के कारण सतर्कता जरूरी है।

अमेरिकी क्रिप्टो (Crypto) नीतियां
अमेरिका में क्रिप्टो नीतियां 2025 में तेजी से बदल रही हैं, खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्रिप्टो-अनुकूल नीतियों के चलते। ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें क्रिप्टो को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित किया गया और जिम्मेदार डिजिटल एसेट विकास का समर्थन करने की बात कही गई है। इसके तहत अमेरिका ने बिटकॉइन रिजर्व शुरू करने और सरकारी बिटकॉइन बिक्री पर रोक लगाने की नीति अपनाई है, जिसे “नेवर सेल योर बिटकॉइन” नीति कहा जा रहा है। इसके अलावा, नियामक बैंकों को क्रिप्टो खरीदने, बेचने और कस्टडी करने की अनुमति दी गई है, जो बड़े पैमाने पर अपनाने का संकेत है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के नए अध्यक्ष पॉल एटकिंस क्रिप्टो नीतियों में सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि अमेरिका डिजिटल एसेट्स का वैश्विक केंद्र बन सके। हालांकि, स्थिरकॉइन्स (stablecoins) पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जैसे कि गैर-समर्थित एल्गोरिदमिक स्थिरकॉइन्स पर प्रतिबंध। ये नीतियां क्रिप्टो उद्योग के लिए नए अवसर खोल रही हैं, लेकिन निवेशकों को नियामक बदलावों पर नजर रखने की जरूरत है।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की स्थिति
भारत में क्रिप्टोकरेंसी की स्थिति जटिल और सख्त नियामक ढांचे के अधीन है। 2025 में, क्रिप्टो ट्रेडिंग पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार की सख्त नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बिटकॉइन ट्रेडिंग को “रिफाइंड हवाला सिस्टम” करार दिया, जिससे नियामक दबाव और बढ़ा है। 2023 में वित्त मंत्रालय ने 9 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स, जैसे Binance और KuCoin, को गैरकानूनी घोषित किया था, और इनके URL ब्लॉक कर दिए गए। क्रिप्टो लेनदेन पर 1% TDS (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) और 30% मुनाफा कर लागू है, लेकिन नुकसान को समायोजित करने की कोई सुविधा नहीं है, जिससे निवेशकों की लागत बढ़ती है। WazirX जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हाल के हैकिंग मामले, जिसमें 23.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। इसके बावजूद, बिटकॉइन की कीमत $104,000 के आसपास होने से निवेशकों का उत्साह बना हुआ है, खासकर युवा निवेशकों में। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें और घोटालों से सावधान रहें।

- निवेश के अवसर : भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के अवसर आकर्षक होने के साथ-साथ जोखिम भरे भी हैं। बिटकॉइन, जो वर्तमान में $104,000 (लगभग 87 लाख रुपये) के आसपास कारोबार कर रहा है, निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है, खासकर अमेरिका की क्रिप्टो-अनुकूल नीतियों और बिटकॉइन रिजर्व की घोषणा के बाद। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 के अंत तक यह $250,000 तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, ऑल्टकॉइन्स जैसे इथेरियम, सोलाना, और हाल ही में उछाल लेने वाले Pi Network में भी निवेश के अवसर दिख रहे हैं। भारत में क्रिप्टो मार्केट का बढ़ता रुझान, खासकर युवा निवेशकों में, इसे आकर्षक बनाता है। हालांकि, 1% टीडीएस, 30% मुनाफा कर, और नुकसान समायोजन की कमी निवेश की लागत बढ़ाती है। WazirX जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हैकिंग और गेनबिटकॉइन जैसे घोटालों ने जोखिम को उजागर किया है। निवेशकों को सलाह है कि वे कॉइनस्विच या कॉइनबेस जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें, छोटी राशि से शुरुआत करें, और मार्केट रिसर्च के साथ-साथ नियामक बदलावों पर नजर रखें। डिजिटल वॉलेट की सुरक्षा और घोटालों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है।