पृष्ठभूमि
वर्तमान संघर्ष: 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले (जिसमें हजारों लोग मारे गए और सैकड़ों को बंधक बनाया गया) के बाद से गाजा में तनाव और हिंसा चरम पर है।
गाजा पट्टी: गाजा पट्टी एक छोटा सा क्षेत्र (41 किमी लंबा, 6-12 किमी चौड़ा) है, जो इजरायल, मिस्र और भूमध्य सागर से घिरा हुआ है। यह दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है, जहाँ करीब 23 लाख लोग रहते हैं, जिनमें 40% से अधिक 15 साल से कम उम्र के हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ: 1948 में इजरायल की स्थापना और उसके बाद हुए अरब-इजरायल युद्धों के बाद से गाजा में तनाव रहा है। 2007 में हमास ने गाजा पर नियंत्रण हासिल कर लिया, जिसके बाद इजरायल ने इसे “शत्रु क्षेत्र” घोषित कर नाकाबंदी लागू की।
मानवीय स्थिति और मानवीय संकट
गाजा में मानवीय संकट 26 मई 2025 तक एक भयावह स्तर पर पहुँच चुका है, जो इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष का परिणाम है। इस क्षेत्र की लगभग 90% आबादी, यानी करीब 20 लाख लोग, विस्थापित हो चुके हैं, और 92% घर या तो पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं या रहने लायक नहीं रहे। इससे 18 लाख से अधिक लोगों को तत्काल आश्रय की आवश्यकता है। इजरायल की नाकाबंदी, जो मार्च 2025 में और सख्त हुई, ने खाद्य, स्वच्छ पानी, और ईंधन की आपूर्ति को लगभग रोक दिया है, जिसके कारण 50 से अधिक बच्चे भुखमरी से मर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में 14,000 बच्चे भुखमरी के शिकार हो सकते हैं। गाजा का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह तबाह हो चुका है; विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अक्टूबर 2023 से मई 2025 तक 686 हमलों में 33 अस्पताल और 122 स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावित हुई हैं, जिससे राफा में कोई प्राथमिक या माध्यमिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं है। पानी की आपूर्ति युद्ध से पहले की तुलना में एक चौथाई से भी कम है, और 68% सड़क नेटवर्क नष्ट हो चुका है। 12 लाख लोग, जिनमें 8 लाख बच्चे और 3 लाख गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ शामिल हैं, कुपोषण से जूझ रहे हैं। निरंतर बमबारी, बुनियादी सुविधाओं की कमी, और अंतरराष्ट्रीय सहायता की बाधाएँ इस संकट को और गहरा रही हैं, जिससे गाजा की जनता के लिए जीवन रक्षा एक दैनिक चुनौती बन गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप और युद्धविराम की माँग की जा रही है, लेकिन राजनीतिक मतभेद समाधान को जटिल बना रहे हैं।

संघर्ष विराम प्रयास:
ICC कार्रवाई: इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने हमास नेता मोहम्मद दैफ और नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन इजरायल ICC का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसका प्रभाव सीमित है।
17 जनवरी 2025: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कैबिनेट ने हमास के साथ संघर्ष विराम समझौते को मंजूरी दी, जिसमें पहले चरण में 33 बंधकों (महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, और बीमार) की रिहाई शामिल थी। हालांकि, समझौता बार-बार टूटा।
कतर में वार्ता: शनिवार (17 मई 2025) को कतर में इजरायल और हमास के बीच वार्ता शुरू हुई, लेकिन हमास ने युद्ध समाप्ति के बिना बातचीत से इनकार किया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र ने 25 मार्च 2024 को तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया था, लेकिन इजरायल ने इसे नजरअंदाज किया। अमेरिका ने पहले युद्धविराम प्रस्तावों को वीटो किया, लेकिन हाल में नीति में बदलाव दिखा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
गाजा में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर तीव्र प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं, विशेष रूप से मई 2025 तक की स्थिति को लेकर। संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में मानवीय सहायता की बाधा और भुखमरी के संकट की चेतावनी दी, जिसमें 14,000 बच्चों की मृत्यु का खतरा बताया गया। मिस्र और जॉर्डन ने इजरायल के प्रस्तावित विस्थापन योजनाओं को “जातीय सफाई” करार देते हुए सख्ती से अस्वीकार किया, जबकि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने इजरायल के हमलों को “सामूहिक दंड” बताया। दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में नरसंहार का मामला दायर किया और राजनयिक संबंध तोड़ दिए। कोलंबिया ने इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध समाप्त किए, जबकि क्यूबा और अल्जीरिया ने फिलिस्तीनी समर्थन में प्रदर्शन और बयान जारी किए। ब्रिटेन ने इजरायल के साथ व्यापार वार्ता निलंबित कर दी, और यूरोपीय संघ ने इजरायल-यूरोपीय व्यापार समझौते की समीक्षा की माँग की। जर्मनी और तुर्की ने इजरायल की कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। अमेरिका ने पहले युद्धविराम प्रस्तावों को वीटो किया, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने युद्धविराम की वकालत की, हालाँकि उनकी गाजा को “मिडल ईस्ट का रिवेरा” बनाने और फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने की योजना की व्यापक निंदा हुई। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इजरायल की नाकाबंदी को युद्ध अपराध और नरसंहार का कार्य माना, जबकि हमास ने भी युद्धविराम वार्ता में इजरायल की शर्तों को अस्वीकार किया। ये प्रतिक्रियाएँ वैश्विक स्तर पर गाजा संकट के प्रति गहरी चिंता और विभाजन को दर्शाती हैं।
आंकड़े (मई 2025 तक):
- मृत्यु: 82,000 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें 18,000 बच्चे और 28,000 महिलाएं शामिल हैं।
- घायल: 1,25,000 से अधिक लोग।
- विस्थापन: 90% आबादी बेघर।
- क्षति: 80-90% इमारतें नष्ट, 69% संरचनाएं प्रभावित।

हमास की भूमिका और स्थानीय प्रतिक्रिया
गाजा में हमास की भूमिका और स्थानीय प्रतिक्रिया जटिल और विवादास्पद रही है। हमास, एक इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन, ने 2007 से गाजा पट्टी पर शासन किया है, जब उसने फतह को हटाकर नियंत्रण हासिल किया। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक बंधक बनाए गए, ने वर्तमान संघर्ष को भड़काया। हमास ने इस हमले को इजरायली कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध के रूप में प्रस्तुत किया, लेकिन इसने इजरायल की तीव्र सैन्य प्रतिक्रिया को उकसाया, जिससे गाजा में व्यापक विनाश और 52,000 से अधिक मौतें हुईं। हमास ने नागरिक क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों, जैसे सुरंगों और हथियार भंडारण, को संचालित करके नागरिकों को खतरे में डाला, जिसके लिए उसे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेलनी पड़ी। स्थानीय प्रतिक्रिया में मिश्रित भावनाएँ हैं; कुछ गाजावासी हमास को इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक मानते हैं और उसकी सहायता वितरण की सराहना करते हैं, जैसे कि युद्धविराम के दौरान लूट को रोकना। हालांकि, कई निवासी, जैसे खान यूनिस के 30 वर्षीय अमीन, हमास के हमले को विनाश का कारण मानते हैं, जिसने उनके घर और आजीविका को नष्ट कर दिया। कुछ ने सड़कों पर प्रदर्शन कर हमास से गाजा छोड़ने की माँग की, यह कहते हुए कि उनकी नीतियों ने संकट को बढ़ाया। हमास ने युद्धविराम वार्ताओं में लचीलापन दिखाया, जैसे कि शासन सौंपने की पेशकश, लेकिन इजरायल की शर्तों को अस्वीकार कर दिया। गाजा में हमास की निरंतर उपस्थिति और प्रभाव, विशेष रूप से युद्धविराम के बाद, यह दर्शाता है कि वह अभी भी शक्ति बनाए हुए है, लेकिन स्थानीय असंतोष बढ़ रहा है।
पुनर्निर्माण चुनौतियाँ
गाजा में 69% संरचनाएं नष्ट हो चुकी हैं, जिनमें 2,45,000 से अधिक घर शामिल हैं। विश्व बैंक के अनुसार, 18.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मलबा हटाने में 15 साल से अधिक समय लग सकता है, क्योंकि इसमें हानिकारक तत्व और मानव अवशेष शामिल हैं। पुनर्निर्माण की गति इजरायल की नाकाबंदी पर निर्भर करेगी।