दिल्ली-NCR में दो दिनों में दूसरी बार भूकंप के झटके: ताजा अपडेट और सुरक्षा जानकारी
दिल्ली-NCR में दो दिनों के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुरुवार और शुक्रवार, 10 और 11 जुलाई 2025 को आए इन झटकों ने निवासियों को सतर्क कर दिया है। इस लेख में हम इन भूकंपों की तीव्रता, केंद्र, और प्रभावों के बारे में विस्तार से बताएंगे, साथ ही सुरक्षा टिप्स और विशेषज्ञों की राय भी साझा करेंगे। यह लेख SEO-अनुकूलित है ताकि यह सर्च इंजनों में बेहतर रैंक कर सके।
दिल्ली-NCR में भूकंप: ताजा आंकड़े
10 जुलाई 2025 को सुबह 9:04 बजे दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 थी, और इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में, जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। ये झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, और सोनीपत में महसूस किए गए। झटके करीब 10 सेकंड तक रहे, जिससे लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
11 जुलाई 2025 को फिर से दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार तीव्रता 3.7 थी, और केंद्र फिर से झज्जर में, जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह भूकंप पिछले दिन की तुलना में हल्का था, लेकिन लगातार दूसरे दिन धरती के हिलने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।

भूकंप का प्रभाव और लोगों की प्रतिक्रिया
दोनों भूकंपों के दौरान ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग विशेष रूप से प्रभावित हुए। कई लोगों ने बताया कि उनके घरों में पंखे, झूमर, और फर्नीचर हिलने लगे। सोशल मीडिया पर भूकंप के तुरंत बाद लोग अपने अनुभव साझा करने लगे, जिससे यह टॉपिक ट्रेंड करने लगा। दिल्ली पुलिस और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लोगों की सुरक्षा की कामना की।
दिल्ली-NCR में भूकंप का खतरा
दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय क्षेत्र IV में आता है, जो मध्यम से तीव्र भूकंपों के लिए संवेदनशील है। इसकी वजह हिमालयी क्षेत्र और स्थानीय फॉल्ट लाइनों, जैसे सोहना फॉल्ट और दिल्ली-मुजफ्फरनगर फॉल्ट, की निकटता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के हल्के भूकंप (2.0-4.9 तीव्रता) सामान्य हैं, लेकिन ये बड़े भूकंपों का संकेत हो सकते हैं।

भूकंप की वजह
भूकंप का कारण धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा निकलती है, जिससे धरती हिलती है। दिल्ली के पास हिमालयी क्षेत्र और स्थानीय फॉल्ट लाइनों की मौजूदगी इसे भूकंप के लिए संवेदनशील बनाती है।
विशेषज्ञों की राय
भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, 4.0-4.9 तीव्रता के भूकंप हल्के से मध्यम श्रेणी के होते हैं और सामान्य तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते। हालांकि, दिल्ली का भूकंपीय क्षेत्र IV में होना इसे बड़े भूकंपों के लिए जोखिम में डालता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बार-बार आने वाले हल्के भूकंप भविष्य में बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली-NCR में 10 और 11 जुलाई 2025 को आए भूकंपों ने लोगों को सतर्क कर दिया है। 4.4 और 3.7 तीव्रता के इन झटकों का केंद्र हरियाणा के झज्जर में था। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है। भूकंप के जोखिम को देखते हुए, आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है।