दीपिका कक्कड़: जो भारतीय टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री हैं और ‘ससुराल सिमर का’ व ‘बिग बॉस 12’ जैसे शोज के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से खुलासा किया कि उन्हें स्टेज-2 लिवर कैंसर का निदान हुआ है। यह खबर उनके प्रशंसकों और टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। इस लेख में हम स्टेज-2 लिवर कैंसर के कारणों, लक्षणों, निदान, उपचार और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे,
स्टेज-2 लिवर कैंसर क्या है ?
लिवर कैंसर, जिसे हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (HCC) के रूप में भी जाना जाता है, लिवर की कोशिकाओं में शुरू होने वाला एक घातक ट्यूमर है। स्टेज-2 लिवर कैंसर का मतलब है कि कैंसर एकल ट्यूमर के रूप में 2 सेंटीमीटर से बड़ा हो सकता है और यह रक्त वाहिकाओं तक पहुंच चुका हो सकता है, या फिर कई छोटे ट्यूमर (5 सेंटीमीटर से कम) हो सकते हैं, लेकिन यह अभी लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला है। इस स्टेज में उपचार की संभावनाएँ अच्छी होती हैं, दीपिका कक्कड़ के मामले में, उनके पति शोएब इब्राहिम ने बताया कि उनके लिवर में टेनिस बॉल के आकार का ट्यूमर पाया गया, जो बाद में स्टेज-2 मैलिग्नेंट (कैंसरयुक्त) पाया गया। दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इस कठिन समय का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर रहा है, लेकिन वह सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इससे लड़ने के लिए तैयार हैं।
स्टेज-2 लिवर कैंसर क्या है ?
- हैपेटाइटिस बी और सी संक्रमण: दीर्घकालिक हैपेटाइटिस बी या सी वायरस का संक्रमण लिवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाता है, जिससे सिरोसिस और फिर कैंसर का खतरा बढ़ता है। यह विश्व स्तर पर लिवर कैंसर का सबसे आम कारण है, विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका में।
- नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD): मोटापा, मधुमेह, या अस्वास्थ्यकर आहार के कारण लिवर में वसा का जमाव हो सकता है, जो सूजन और लिवर की क्षति का कारण बनता है। यह स्थिति कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है, विशेष रूप से युवा महिलाओं में, जैसा कि हाल के वर्षों में देखा गया है।
- अत्यधिक शराब का सेवन: शराब का लंबे समय तक अत्यधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुँचाता है, जिससे सिरोसिस और फिर कैंसर हो सकता है।
- एफ्लाटॉक्सिन: कुछ खाद्य पदार्थों (जैसे मूंगफली या अनाज) में पाए जाने वाले फफूंद जनित विषाक्त पदार्थ (एफ्लाटॉक्सिन) लिवर को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
- हॉर्मोनल कारक: लंबे समय तक जन्म नियंत्रण गोलियों का उपयोग करने से लिवर में सौम्य ट्यूमर (हैपेटिक एडेनोमा) हो सकते हैं, जो कुछ मामलों में कैंसर में बदल सकते हैं।
- पारिवारिक इतिहास और आनुवंशिक कारक: यदि परिवार में लिवर रोग का इतिहास है, तो कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
- अस्वास्थ्यकर जीवनशैली: तला-भुना भोजन, व्यायाम की कमी, और समग्र अस्वास्थ्यकर जीवनशैली भी लिवर कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है।
लिवर कैंसर के शुरुआती लक्षण [Early symptoms of liver cancer]
- पेट में दर्द या असुविधा: विशेष रूप से दाहिनी पसली के नीचे हल्का दर्द या भारीपन।
- अनजाने में वजन घटना: बिना कोशिश के कुछ महीनों में 5-10% वजन कम होना एक चेतावनी संकेत हो सकता है।
- भूख की कमी: जल्दी पेट भर जाना या भोजन से अरुचि।
- थकान और कमजोरी: लगातार थकान जो आराम करने से ठीक न हो।
- पीलिया (Jaundice): आँखों या त्वचा का पीला पड़ना, जो लिवर की खराबी का संकेत है।
- गहरा पीला मूत्र: लिवर के ठीक से काम न करने पर मूत्र का रंग गहरा हो सकता है।
- त्वचा पर खुजली: बाइल जूस के जमा होने के कारण त्वचा में खुजली।
- बिना कारण नीले निशान: शरीर पर अस्पष्ट चोट के निशान लिवर की समस्या का संकेत हो सकते हैं।
- पेट में गांठ या सूजन: दाहिनी ओर एक ठोस गांठ महसूस होना।
निदान और उपचार [Treatment liver cancer]
दीपिका के मामले में, पेट दर्द की शिकायत के बाद सीटी स्कैन और अन्य टेस्ट के माध्यम से ट्यूमर का पता चला। लिवर कैंसर का निदान आमतौर पर निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:
- लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT): लिवर की कार्यक्षमता का आकलन करने के लिए।
- अल्ट्रासाउंड और फाइब्रोस्कैन: ट्यूमर की स्थिति और आकार का पता लगाने के लिए।
- सीटी स्कैन या एमआरआई: ट्यूमर के प्रकार और फैलाव का आकलन करने के लिए।
- बायोप्सी: ट्यूमर के ऊतक की जाँच करके कैंसर की पुष्टि करना।
- जीनोमिक टेस्टिंग: सर्जरी के बाद कैंसर के व्यवहार और पुनरावृत्ति के जोखिम का आकलन करने के लिए।

बचाव के उपाय
हैपेटाइटिस बी वैक्सीन यह लिवर कैंसर के जोखिम को कम करता है, शराब और धूम्रपान से परहेज: ये लिवर को नुकसान पहुँचाते हैं,स्वस्थ वजन बनाए रखें मोटापा और डायबिटीज को नियंत्रित करें,नियमित स्वास्थ्य जाँच विशेष रूप से हैपेटाइटिस, सिरोसिस, या फैटी लिवर की स्थिति में हर 6-12 महीने में लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाएँ सुरक्षित खान-पान एफ्लाटॉक्सिन से बचने के लिए साफ और ताजा भोजन का उपयोग करेंव्यायाम और स्वस्थ आहार: तला-भुना भोजन कम करें और फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाएँ.
दीपिका: ने अपनी पोस्ट में सकारात्मकता और दृढ़ संकल्प दिखाया है। उन्होंने लिखा, “मैं पूरी तरह सकारात्मक हूँ और इस चुनौती का सामना करने के लिए दृढ़ हूँ। मेरे परिवार और आप सभी की दुआओं के साथ, मैं इसे भी पार कर लूँगी, इंशाअल्लाह।” उनके सह-कलाकारों जैसे श्रद्धा आर्या, अविका गोर, गौरव खन्ना, और गौहर खान ने उनके लिए दुआएँ और समर्थन व्यक्त किया है। दीपिका कक्कड़ का स्टेज-2 लिवर कैंसर का निदान एक गंभीर स्थिति है, लेकिन इस चरण में उपचार की संभावनाएँ अच्छी हैं। लिवर कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जाँच, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है। दीपिका की हिम्मत और सकारात्मकता न केवल उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समय पर निदान और उचित उपचार से इस बीमारी से लड़ा जा सकता है।
नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।