पुलवामा से पीएम मोदी तक: सत्यपाल मलिक के सबसे बड़े 5 आरोप जिनसे देश में मच गई हलचल,पुलवामा हमले के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार,पीएम मोदी को बताया ‘अहंकारी’,किसान आंदोलन पर सरकार की नीयत पर सवाल,सरकार सिर्फ इमेज बचाने में लगी है, भ्रष्टाचार पर चुप्पी का आरोप
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कारण? उनके वो बयान जो सीधे केंद्र सरकार, पीएम नरेंद्र मोदी, और पुलवामा हमले जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे समय में जब देश की राजनीति में भावनाएं, आक्रोश और सवाल चरम पर हों, सत्यपाल मलिक के ये बयान लोगों की सोच को झकझोर देते हैं।
पुलवामा हमले के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार?
सत्यपाल मलिक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा यही रहा कि पुलवामा आतंकी हमला सरकार की “बड़ी लापरवाही” का नतीजा था। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ जवानों ने एयरलिफ्ट की मांग की थी, लेकिन उसे सरकार ने मंजूरी नहीं दी।
पीएम मोदी को बताया ‘अहंकारी’
एक इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने पुलवामा मामले में जब प्रधानमंत्री को सच बताने की कोशिश की तो पीएम मोदी ने उन्हें चुप रहने को कहा। उन्होंने कहा, “मोदी साहब नहीं चाहते थे कि यह बात बाहर आए”।

किसान आंदोलन पर सरकार की नीयत पर सवाल
सत्यपाल मलिक ने किसान आंदोलन को लेकर भी मोदी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय पर किसानों से बात करती, तो इतनी मौतें नहीं होतीं।उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी टिप्पणी की थी।
भ्रष्टाचार पर चुप्पी का आरोप
सत्यपाल मलिक ने कहा कि जब वे गोवा और मेघालय के राज्यपाल थे, तब उन्हें भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि “घोटाले उजागर करने पर मुझसे नाराज़ हो गए थे”।
सरकार सिर्फ इमेज बचाने में लगी है
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान देश की सुरक्षा या जनता के हित में निर्णय लेने से ज्यादा, अपनी छवि को चमकाने पर केंद्रित है। मीडिया को भी उन्होंने सरकार का “प्रचारक” बताया।

सत्यपाल मलिक के ये बयान कोई मामूली टिप्पणियाँ नहीं हैं। ये वो बातें हैं जो सरकार की नीति, नीयत और निर्णय पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। विपक्ष इसे एक बड़ा हथियार बना रहा है, वहीं सरकार ने अब तक इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है।