कहानी और किरदार
नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ एक भव्य सिनेमाई प्रस्तुति है, जो भारतीय महाकाव्य रामायण की कालजयी कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास है। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। कहानी का केंद्रीय आधार रामायण की मूल कथा है, जिसमें राम का वनवास, सीता का हरण, और रावण के साथ युद्ध जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम शामिल हैं। हालांकि, खबरों के अनुसार, राम और रावण का आमना-सामना स्क्रीन पर सीमित होगा, क्योंकि फिल्म अन्य किरदारों और कथा के विभिन्न पहलुओं पर भी ध्यान देगी। साई पल्लवी के सीता की भूमिका में होने की चर्चा है, जो कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ेगी। हनुमान और लक्ष्मण जैसे किरदार भी महत्वपूर्ण होंगे, जिनके लिए अभी कास्टिंग की पुष्टि बाकी है। फिल्म का कथानक आधुनिक दर्शकों के लिए प्रासंगिकता बनाए रखते हुए पौराणिक मूल्यों को संरक्षित करने का प्रयास करेगा। यह प्रोजेक्ट अपनी भव्यता, गहन चरित्र-चित्रण, और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए चर्चा में है, जिससे दर्शकों को एक यादगार अनुभव मिलने की उम्मीद है।

प्रोडक्शन
नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ का प्रोडक्शन भारतीय सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसे वैश्विक स्तर पर एक सिनेमाई महाकाव्य के रूप में प्रस्तुत करने की योजना है। फिल्म में उच्च-स्तरीय विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी (CGI) का उपयोग किया जा रहा है ताकि रामायण के पौराणिक दृश्य, जैसे अयोध्या, लंका, और युद्ध के मैदान, जीवंत और भव्य दिखें। प्रोडक्शन हाउस भारी बजट के साथ काम कर रहा है, जिसमें प्रामाणिक सेट डिजाइन, विस्तृत कॉस्ट्यूम, और विश्व-स्तरीय लोकेशंस पर जोर दिया जा रहा है। प्री-प्रोडक्शन में कहानी को प्रामाणिक रखने के लिए गहन शोध किया गया, जबकि पोस्ट-प्रोडक्शन में VFX को परिष्कृत करने पर ध्यान है। इस जटिल प्रक्रिया के कारण रिलीज 2026 या 2027 में होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट तकनीकी नवाचार और भारतीय संस्कृति के मिश्रण का एक अनूठा उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।
रिलीज
नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने की ओर अग्रसर है। इस फिल्म की रिलीज को लेकर लंबे समय से चर्चाएँ और अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर इसकी रिलीज डेट की घोषणा हो चुकी है। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी, जिसमें पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आएगा। यह रणनीतिक रिलीज तारीखें भारतीय संस्कृति में दिवाली के उत्सव के महत्व को ध्यान में रखकर चुनी गई हैं, जो न केवल दर्शकों की भावनाओं से जुड़ती हैं, बल्कि फिल्म की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गहराई को भी उजागर करती हैं। यह लेख फिल्म की रिलीज के विभिन्न पहलुओं, इसके महत्व, चुनौतियों, और दर्शकों की अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा करता है।
1.रिलीज की घोषणा और इसका महत्व
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा (प्राइम फोकस स्टूडियोज़ के संस्थापक और ग्लोबल सीईओ) ने 6 नवंबर 2024 को इंस्टाग्राम पर फिल्म का पहला पोस्टर साझा करते हुए रिलीज की तारीखों की घोषणा की। पोस्टर में एक तीर के साथ एक उग्र आकाश की छवि थी, जो रामायण की वीरता और भव्यता का प्रतीक है। नमित ने अपने पोस्ट में लिखा, “एक दशक से भी अधिक समय पहले, मैंने इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर लाने की नेक खोज शुरू की थी, जिसने 5000 वर्षों से भी अधिक समय तक अरबों दिलों पर राज किया है। आज, मैं इसे खूबसूरती से आकार लेते हुए देखकर रोमांचित हूँ, क्योंकि हमारी टीमें केवल एक ही उद्देश्य के साथ अथक प्रयास कर रही हैं: दुनिया भर के लोगों के लिए हमारे इतिहास, हमारी सच्चाई और हमारी संस्कृति – हमारे ‘रामायण’ का सबसे प्रामाणिक, पवित्र और दृश्य रूप से आश्चर्यजनक रूपांतरण प्रस्तुत करना।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम अपने महानतम महाकाव्य को गर्व और श्रद्धा के साथ जीवंत करने के अपने सपने को पूरा कर रहे हैं… भाग 1 दिवाली 2026 में और भाग 2 दिवाली 2027 में।” यह घोषणा न केवल प्रशंसकों के लिए एक बड़ा अपडेट थी, बल्कि इसने फिल्म की वैश्विक महत्वाकांक्षा को भी रेखांकित किया।

2.दो भागों में रिलीज का निर्णय
रामायण को दो भागों में रिलीज करने का निर्णय कहानी की व्यापकता और गहराई को देखते हुए लिया गया है। रामायण एक ऐसा महाकाव्य है, जिसमें कई महत्वपूर्ण घटनाएँ और किरदार शामिल हैं, जिन्हें एक ही फिल्म में समेटना मुश्किल हो सकता है। निर्माताओं ने इसे दो भागों में बाँटकर कहानी को पूरी तरह से न्याय देने की योजना बनाई है। रामायण: पार्ट 1 में भगवान राम और सीता की कहानी पर ध्यान केंद्रित होगा, जिसमें उनकी शादी, वनवास, और सीता के हरण तक की घटनाएँ शामिल होंगी। वहीं, रामायण: पार्ट 2 में हनुमान की भूमिका, रावण के साथ युद्ध, और सीता की मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाया जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक त्रयी (ट्रिलॉजी) के रूप में भी विकसित हो सकती है, जिसमें दूसरा भाग हनुमान की कहानी पर केंद्रित हो सकता है। यह रणनीति न केवल कहानी को विस्तार से प्रस्तुत करने में मदद करेगी, बल्कि दर्शकों की उत्सुकता को भी बनाए रखेगी।
3.रिलीज तारीखों का चयन और सांस्कृतिक महत्व
दिवाली 2026 और 2027 में रिलीज का चयन एक सोची-समझी रणनीति है। दिवाली भारत में राम के अयोध्या लौटने और रावण पर उनकी विजय का उत्सव है। इस त्योहार के दौरान फिल्म की रिलीज दर्शकों की भावनाओं को आकर्षित करेगी और वैश्विक भारतीय डायस्पोरा के बीच भी प्रासंगिक होगी।

4.विवाद और चुनौतियाँ
रामायण जैसे पौराणिक विषय पर फिल्म बनाने में कई चुनौतियाँ भी हैं। पहले भी, ओम राउत की आदिपुरुष जैसी फिल्म को कहानी और किरदारों की प्रस्तुति के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसीलिए नितेश तिवारी और उनकी टीम सावधानी बरत रही है ताकि कहानी को प्रामाणिक और सम्मानजनक तरीके से प्रस्तुत किया जाए। कुछ लोगों, जैसे रामानंद सागर की रामायण में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया, ने इस प्रोजेक्ट पर चिंता जताई है, उनका कहना है कि लोग इस तरह की कहानियों के साथ “गड़बड़” कर रहे हैं। इसके बावजूद, निर्माताओं का दावा है कि वे रामायण को सबसे प्रामाणिक और दृश्य रूप से प्रभावशाली रूप में पेश करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक शोध और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर ध्यान दिया जा रहा है।
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