भारत में सोना और कमोडिटीज
भारत में सोने की कीमत 2025 में उच्च स्तर पर बनी हुई है, हालांकि हाल के दिनों में इसमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है। 16 मई 2025 को MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.74% की गिरावट के साथ ₹92,480 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए, जो पिछले सत्र में ₹93,169 थे। वहीं, 2 मई 2025 को 24-कैरेट सोने की कीमत ₹9,510 प्रति ग्राम थी, जिसमें ₹22 की कमी दर्ज की गई। विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के अनुसार, 2025 में भारत में सोने की मांग पिछले साल के नौ साल के उच्च स्तर से कम रहने की उम्मीद है, क्योंकि रिकॉर्ड उच्च कीमतों ने आभूषणों की खपत को प्रभावित किया है। सरकार द्वारा सोने के आयात कर को 15% से घटाकर 6% करने से मांग को कुछ हद तक समर्थन मिला है, लेकिन वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के कारण कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स और गोल्ड ETF आकर्षक विकल्प हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले बाजार के रुझानों और नियामक बदलावों पर नजर रखी जाए।

- सोने का प्रदर्शन: भारत में 2025 में सोने का प्रदर्शन अन्य परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में मजबूत रहा है। वित्तीय वर्ष 2025 में, सोने की कीमतें डॉलर में 41% बढ़ी हैं, जो इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। भारत में MCX गोल्ड फ्यूचर्स की कीमतें 16 मई 2025 को ₹92,480 प्रति 10 ग्राम थीं, जो साल की शुरुआत से उच्च स्तर पर हैं, हालांकि हाल में 0.74% की मामूली गिरावट देखी गई। विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार, भारत में सोने की मांग 2024 के नौ साल के उच्च स्तर से 2025 में कम रहने की उम्मीद है, क्योंकि रिकॉर्ड उच्च कीमतों ने आभूषणों की खपत को प्रभावित किया। सरकार द्वारा आयात शुल्क 15% से घटाकर 6% करने से मांग को समर्थन मिला, जिससे भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है, में निवेश बढ़ा। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें 22.08% बढ़ी हैं, जो भू-राजनीतिक तनावों और केंद्रीय बैंकों की खरीद से प्रेरित है। हालांकि, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और इक्विटी मार्केट की तेजी ने सोने की मांग को कुछ हद तक सीमित किया। निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स और गोल्ड ETF सुरक्षित विकल्प हैं, लेकिन विशेषज्ञ बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता की सलाह देते हैं।
भारत का कमोडिटीज मार्केट
भारत का कमोडिटीज मार्केट 2025 में 1.61 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुमानित मूल्य के साथ मजबूत वृद्धि दर्शा रहा है, जिसमें 2025-2029 के बीच 1.20% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) की उम्मीद है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) प्रमुख ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म हैं, जो सोना, स्टील, तेल, और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। सोने की कीमतें ₹92,480 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर हैं, जो 2025 में 41% की वृद्धि दिखाती हैं, हालांकि उच्च कीमतों ने आभूषणों की मांग को प्रभावित किया है। स्टील आयात अप्रैल 2024-फरवरी 2025 में 8.3% बढ़कर 8.1 मिलियन टन हुआ, जो बुनियादी ढांचा विकास से प्रेरित है। तेल की मांग 3.2% बढ़ने की उम्मीद है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। हालांकि, वैश्विक कमोडिटी कीमतों में 2025 में 12% की गिरावट का अनुमान, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, और कृषि कमोडिटीज में खंडित बाजार चुनौतियां पैदा करते हैं। निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स, गोल्ड ETF, और स्टील जैसे क्षेत्र आकर्षक हैं, लेकिन सेबी-नियंत्रित MCX जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स का उपयोग और जोखिम प्रबंधन जरूरी है। ताजा अपडेट के लिए LiveMint या MCX की वेबसाइट देखें।

विश्व में सोना और कमोडिटीज
वैश्विक स्तर पर 2025 में सोना और कमोडिटीज मार्केट मजबूत लेकिन अस्थिर बना हुआ है। सोने की कीमतें इस साल 22.08% बढ़ी हैं, जो 11 मार्च 2025 को $2,902 प्रति ट्रॉय औंस और 10 मई को रिकॉर्ड $3,330.85 प्रति औंस तक पहुंची। सक्सो बैंक ने 2025 के लिए सोने का अनुमान $3,500 प्रति औंस कर दिया है, जो केंद्रीय बैंकों की खरीद, भू-राजनीतिक तनाव, और मुद्रास्फीति हेज की मांग से प्रेरित है। हालांकि, अन्य कमोडिटीज में कीमतें कमजोर हैं, जिसमें 2025 में 12% और 2026 में 5% की गिरावट का अनुमान है। अप्रैल 2025 में ऊर्जा मूल्य सूचकांक 7.6% गिरा, जिसमें अमेरिकी प्राकृतिक गैस (-17.6%) और कच्चा तेल (-6.8%) प्रमुख हैं। चांदी और बैटरी धातुएं (जैसे लिथियम) औद्योगिक मांग के कारण मजबूत हैं, जबकि कॉपर में 2025 में मांग वृद्धि की उम्मीद है, खासकर चीन के बाहर। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और टैरिफ ने कमोडिटीज की कीमतों पर दबाव डाला है, लेकिन सोना सुरक्षित निवेश के रूप में चमक रहा है। निवेशकों को सलाह है कि वे सोने और चांदी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दें, लेकिन ऊर्जा और अन्य कमोडिटीज में अस्थिरता के लिए सतर्क रहें।

भारत और विश्व में सोना और कमोडिटीज में निवेश के लिए अवसर
भारत और विश्व में सोना और कमोडिटीज में निवेश के अवसर 2025 में आकर्षक लेकिन जोखिम भरे हैं। भारत में, सोना निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण है, जहां MCX गोल्ड फ्यूचर्स ₹92,480 प्रति 10 ग्राम पर हैं, जो 2025 में 41% की वृद्धि दिखाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स और गोल्ड ETF सुरक्षित विकल्प हैं, खासकर आयात शुल्क 15% से 6% कम होने के बाद। स्टील में 8-9% मांग वृद्धि और तेल में 3.2% मांग वृद्धि निवेश के अवसर प्रदान करती है, विशेष रूप से बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्रों में, लेकिन वैश्विक कीमतों में 12% की अनुमानित गिरावट और व्यापार तनाव जोखिम बढ़ाते हैं। MCX जैसे प्लेटफॉर्म्स फ्यूचर्स और ऑप्शंस के माध्यम से हेजिंग के अवसर देते हैं। वैश्विक स्तर पर, सोना $3,500 प्रति औंस के अनुमान के साथ सुरक्षित निवेश है, जो केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक तनावों से समर्थित है। चांदी और बैटरी धातुएं (जैसे लिथियम) औद्योगिक मांग के कारण आकर्षक हैं, जबकि कॉपर में मांग वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, ऊर्जा कमोडिटीज (कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस) में 7.6% की गिरावट जोखिम पैदा करती है। निवेशकों को सलाह है कि वे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स (जैसे MCX, गोल्ड ETF) का उपयोग करें, छोटी राशि से शुरुआत करें, और वैश्विक टैरिफ, नियामक बदलावों, और बाजार अस्थिरता पर नजर रखें।