मैसेज स्पैम है या काम का? नए सिस्टम से अब आते ही चल जाएगा पता
आज के डिजिटल युग में, हमारे फोन पर हर दिन ढेर सारे मैसेज आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इनमें से कितने मैसेज वास्तव में आपके लिए उपयोगी हैं और कितने स्पैम? स्पैम मैसेज न केवल समय बर्बाद करते हैं, बल्कि कई बार धोखाधड़ी और साइबर अपराध का कारण भी बन सकते हैं। अच्छी खबर यह है कि अब नए सिस्टम और तकनीकों की मदद से यह तुरंत पता लगाया जा सकता है कि कोई मैसेज स्पैम है या काम का।
स्पैम मैसेज क्या होते हैं?
स्पैम मैसेज वे अवांछित संदेश होते हैं जो प्रचार, धोखाधड़ी, या अनचाही जानकारी के लिए भेजे जाते हैं। ये मैसेज अक्सर अनजान नंबरों से आते हैं और इनमें लुभावने ऑफर, फर्जी लिंक, या व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले संदेश हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, “1 लाख का लोन तुरंत प्राप्त करें” या “इस लिंक पर क्लिक करें और पुरस्कार जीतें” जैसे मैसेज स्पैम की श्रेणी में आते हैं।
नए सिस्टम की खासियतें
हाल ही में, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक नई प्रणाली शुरू की है, जिसके तहत हर SMS पर असली या फर्जी का टैग लगेगा। यह सिस्टम न केवल उपयोगकर्ताओं को स्पैम से बचाने में मदद करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि केवल विश्वसनीय और प्रासंगिक मैसेज ही आपके इनबॉक्स तक पहुंचें।
1. स्वचालित स्पैम डिटेक्शन
नए सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग किया जाता है। ये तकनीकें मैसेज के कंटेंट, सेंडर की विश्वसनीयता, और मैसेज भेजने के पैटर्न का विश्लेषण करती हैं। यदि कोई मैसेज संदिग्ध लगता है, तो उसे तुरंत “स्पैम” के रूप में चिह्नित कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, Google Messages ऐप में अब स्पैम डिटेक्शन फीचर है जो संदिग्ध मैसेज को ब्लॉक करता है और उन्हें “स्पैम और ब्लॉक किए गए” फोल्डर में भेज देता है।

2. सेंडर वेरिफिकेशन
TRAI की नई प्रणाली के तहत, सभी मैसेज भेजने वालों को अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसका मतलब है कि केवल रजिस्टर्ड और विश्वसनीय स्रोतों से ही मैसेज भेजे जा सकते हैं। अगर कोई मैसेज अनवेरिफाइड नंबर से आता है, तो उसे तुरंत स्पैम के रूप में चिह्नित किया जाता है।
3. रियल-टाइम टैगिंग
नए सिस्टम में हर मैसेज पर “असली” या “फर्जी” का टैग लगाया जाता है। यह उपयोगकर्ताओं को तुरंत यह समझने में मदद करता है कि मैसेज पर भरोसा करना चाहिए या नहीं। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो तकनीकी रूप से कम जानकार हैं।
4. उपयोगकर्ता की गोपनीयता
Google Messages जैसे ऐप्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि आपके मैसेज को कोई तीसरा पक्ष (यहां तक कि Google भी) न पढ़ सके। इसके अलावा, स्पैम डिटेक्शन सिस्टम यह भी सुनिश्चित करता है कि आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे।
स्पैम मैसेज से बचने के लिए टिप्स
यहां कुछ आसान उपाय दिए गए हैं जिनसे आप स्पैम मैसेज से बच सकते हैं:
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें: अगर आपको कोई संदिग्ध लिंक वाला मैसेज मिलता है, तो उसे तुरंत डिलीट करें। हैकर्स अक्सर फर्जी लिंक के जरिए आपकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं।
- संदिग्ध नंबर को ब्लॉक करें: Google Messages में आप किसी भी नंबर को आसानी से ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक किए गए नंबर के मैसेज सीधे “स्पैम और ब्लॉक किए गए” फोल्डर में चले जाते हैं।
- स्पैम की शिकायत करें: अगर आपको लगता है कि कोई मैसेज स्पैम है, तो उसे Google Messages में “स्पैम के तौर पर रिपोर्ट” करें। इससे भविष्य में ऐसे मैसेज को रोकने में मदद मिलती है।
- डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप का उपयोग करें: Google Messages को अपने डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप के रूप में सेट करें ताकि आपको स्पैम डिटेक्शन और गोपनीयता की अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकें।
- निजी जानकारी शेयर न करें: कभी भी अनजान मैसेज के जवाब में अपनी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, या अन्य निजी जानकारी शेयर न करें।

नए सिस्टम के फायदे
- समय की बचत: स्पैम मैसेज को तुरंत पहचानने से आपका समय बचता है।
- सुरक्षा: धोखाधड़ी और साइबर अपराध से बचाव होता है।
- बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव: केवल प्रासंगिक और जरूरी मैसेज आपके इनबॉक्स में दिखते हैं।
- निजता की सुरक्षा: आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहती है।
निष्कर्ष
नए सिस्टम ने स्पैम मैसेज की समस्या को हल करने में एक बड़ा कदम उठाया है। TRAI की रियल-टाइम टैगिंग और Google Messages जैसे ऐप्स की उन्नत स्पैम डिटेक्शन सुविधाओं के साथ, अब आप आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि कोई मैसेज स्पैम है या काम का।