यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने 5 जून 2025 को अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती की, जिससे इसकी प्रमुख डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 2.00% हो गई। यह पिछले एक साल में ECB की आठवीं कटौती है, जो जून 2024 में 4% के उच्च स्तर से शुरू हुई थी। इस कदम का उद्देश्य यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना है, जो वैश्विक व्यापार तनाव और मंद आर्थिक वृद्धि से जूझ रही है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) कटौती का कारण
ECB का यह फैसला मई 2025 में यूरो क्षेत्र की मुद्रास्फीति के 1.9% तक गिरने के बाद आया, जो बैंक के 2% के लक्ष्य से नीचे है। ऊर्जा की कीमतों में कमी और सेवा क्षेत्र की मुद्रास्फीति में नरमी ने इस कटौती को समर्थन दिया। इसके अलावा, यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में वृद्धि धीमी रही, जिसमें 2025 की पहली तिमाही में केवल 0.3% की वृद्धि दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं ने यूरोप की निर्यात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं, खासकर जर्मनी, पर दबाव बढ़ाया है। ECB ने 2025 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.9% और मुद्रास्फीति का अनुमान 2.3% रखा है।

प्रमुख ब्याज दरें
ECB ने अपनी तीन प्रमुख दरों में कटौती की:
- डिपॉजिट फैसिलिटी रेट: 2.25% से 2.00% (बैंकों को ECB में रातोंरात जमा पर मिलने वाला ब्याज)।
- मुख्य रिफाइनेंसिंग ऑपरेशंस रेट: 2.40% से 2.15% (बैंकों को साप्ताहिक उधार पर ब्याज)।
- मार्जिनल लेंडिंग फैसिलिटी रेट: 2.65% से 2.40% (रातोंरात उधार पर ब्याज)।
- ये बदलाव 11 जून 2025 से प्रभावी होंगे।
यूरोप पर प्रभाव और अपेक्षाएँ
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा 5 जून 2025 को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती, जिससे डिपॉजिट फैसिलिटी रेट 2.00% हो गई, का यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह कटौती उधार को सस्ता करेगी, जिससे व्यवसायों और परिवारों के लिए निवेश और खपत बढ़ाने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से, छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को सस्ते ऋण मिलने से विस्तार की संभावना बढ़ेगी, जबकि उपभोक्ताओं के लिए होम लोन और अन्य कर्ज़ सस्ते होंगे, जिससे मांग में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, वैश्विक व्यापार तनाव, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों, ने यूरो क्षेत्र की निर्यात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं, जैसे जर्मनी, पर दबाव बढ़ाया है, जिससे इस कटौती का पूरा लाभ सीमित हो सकता है। ECB ने 2025 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.9% और मुद्रास्फीति का 2.3% रखा है, जो दर्शाता है कि बैंक सतर्क लेकिन आशावादी है।

बाजारों ने इस कटौती को पहले ही भांप लिया था, जिसके चलते यूरो का मूल्य डॉलर के मुकाबले 0.34% बढ़ा और जर्मन 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में भी उछाल देखा गया। भविष्य में, विश्लेषकों का मानना है कि ECB जुलाई 2025 में दरों को स्थिर रख सकता है, क्योंकि 2% की डिपॉजिट रेट “न्यूट्रल रेट” (1.75%-2.25%) के दायरे में है, जो अर्थव्यवस्था को न तो अत्यधिक प्रोत्साहित करती है और न ही रोकती है। फिर भी, यदि अमेरिकी टैरिफ और व्यापार युद्ध बढ़ते हैं, तो कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि ECB 2025 के अंत तक दरों को 1.5% तक कम कर सकता है। ECB की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने डेटा-निर्भर दृष्टिकोण पर जोर दिया, जिसका मतलब है कि भविष्य की नीतियाँ आर्थिक आंकड़ों, जैसे मुद्रास्फीति और GDP वृद्धि, पर निर्भर करेंगी। जर्मनी और यूरोपीय आयोग के रक्षा और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खर्च से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। कुल मिलाकर, यह कटौती एक “बीमा कटौती” के रूप में देखी जा रही है, जो यूरो क्षेत्र को वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाने का प्रयास है, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रभाव व्यापार नीतियों और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा।
विश्लेषकों की राय
- ड्यूश बैंक के अर्थशास्त्री मार्क वॉल ने कहा कि ECB की नीति डेटा पर निर्भर रहेगी, और जून में कटौती के बाद जुलाई में विराम संभव है।
- ING के कार्स्टन ब्रजेस्की ने इसे “बीमा कटौती” करार दिया, जो अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है।
- रॉयटर्स पोल में 71% अर्थशास्त्रियों ने भविष्यवाणी की कि ECB जुलाई में कटौती रोक सकता है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की रणनीति
ECB की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने कहा कि अनिश्चितता के कारण बैंक डेटा-निर्भर दृष्टिकोण अपनाएगा। उन्होंने “न्यूट्रल रेट” पर स्पष्ट रुख देने से इनकार किया, यह कहते हुए कि यह केवल “शॉक-मुक्त” दुनिया में लागू होता है। लागार्ड ने यह भी उल्लेख किया कि जर्मनी और यूरोपीय आयोग के रक्षा और बुनियादी ढांचे पर खर्च से वृद्धि को समर्थन मिलेगा, लेकिन टैरिफ का असर नकारात्मक हो सकता है।