राजस्थान में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना: मौसम विभाग की चेतावनी
राजस्थान में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। यह लेख आपको मौसम की ताजा जानकारी, प्रभावित क्षेत्रों, और इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताएगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। अगले 24 घंटों में जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, और कोटा सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 100-200 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका है।
प्रभावित क्षेत्र
- जयपुर: भारी बारिश के साथ जलभराव की संभावना।
- उदयपुर: लगातार बारिश से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है।
- जोधपुर और बीकानेर: रेगिस्तानी इलाकों में भी तेज बारिश का अनुमान।
- कोटा और अजमेर: बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा।

बारिश का प्रभाव
भारी बारिश के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे:
- जलभराव: निचले इलाकों और शहरों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
- यातायात प्रभावित: सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम और वाहन दुर्घटनाओं का खतरा।
- कृषि पर असर: फसलों को नुकसान होने की संभावना, विशेष रूप से खरीफ फसलों को।
- बिजली आपूर्ति: बिजली गिरने और तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निम्नलिखित उपाय अपनाएं:
- घर पर रहें: अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव की संभावना है।
- सुरक्षित स्थान चुनें: बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न रहें।
- आपातकालीन किट तैयार करें: टॉर्च, बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा किट, और जरूरी दवाइयां तैयार रखें।
- मौसम अपडेट: मौसम विभाग की वेबसाइट या स्थानीय समाचार चैनलों से ताजा अपडेट लेते रहें।
- कृषि सलाह: किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें।

निष्कर्ष
अगले 24 घंटों में राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके लिए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और सुरक्षित रहें। ताजा अपडेट के लिए नियमित रूप से मौसम विभाग की वेबसाइट या स्थानीय समाचार चैनलों से जुड़े रहें।