लालू यादव ने किया बाबासाहब अंबेडकर का अपमान, जनता में गुस्सा, जानिए पूरी घटना की सच्चाई,क्या कहा लालू यादव ने,सोशल मीडिया पर भारी विरोध,जनता का सवाल – माफी कब मांगेंगे,राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
राजनीति की दुनिया में अपने तीखे बयानों के लिए चर्चित लालू प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार आरोप है कि उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने तेजी से तूल पकड़ा है और लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों जनता उन्हें माफ नहीं कर रही।
क्या कहा लालू यादव ने?
हाल ही में एक जनसभा के दौरान लालू यादव ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने अंबेडकर और उनके योगदान को लेकर संदिग्ध टिप्पणी की। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, लेकिन वीडियो क्लिप वायरल हो चुका है। इसमें वे कहते सुने जा रहे हैं कि “संविधान किसी एक व्यक्ति की देन नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया का हिस्सा है।
”इस बयान को अंबेडकर समर्थकों ने बाबासाहब के योगदान को कम आंकने की कोशिश बताया और इसे उनका “अपमान” कहा।

सोशल मीडिया पर भारी विरोध
- ट्विटर (अब X), फेसबुक और यूट्यूब पर हैशटैग #लालू_माफी_मांगो और #RespectAmbedkar ट्रेंड कर रहा है।
लाखों लोगों ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयान एक वरिष्ठ राजनेता को शोभा नहीं देते। कुछ ने इसे आरक्षण और दलित अधिकारों पर परोक्ष हमला करार दिया।
जनता का सवाल – माफी कब मांगेंगे?
सामान्य जनता और कई अंबेडकरवादी संगठनों ने मांग की है कि लालू यादव सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और स्पष्ट करें कि वे बाबासाहब का सम्मान करते हैं। लोगों का कहना है कि
कि“अगर कोई नेता संविधान निर्माता पर ही सवाल उठाए, तो ऐसे नेता को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जगह नहीं मिलनी चाहिए।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
भाजपा नेताओं ने कहा –
- “लालू यादव ने जानबूझकर डॉ. अंबेडकर के योगदान को कमतर बताने की कोशिश की है। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।”

डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार और दलित समाज के मसीहा हैं। उनके सम्मान में कोई भी लापरवाही या विवादास्पद टिप्पणी जनता को बर्दाश्त नहीं होती। लालू यादव का बयान चाहे गलतफहमी में दिया गया हो या तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया हो, लेकिन इससे पैदा हुए आक्रोश को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लालू यादव माफी मांगेंगे या फिर यह विवाद और गहराएगा।