वोडाफोन आइडिया Q1 नतीजे 2025: 52 हफ्तों के निचले स्तर पर स्टॉक, जानिए क्या है उम्मीदें और चुनौतियां
मुंबई, 14 अगस्त 2025: वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi), भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में से एक, आज अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों की घोषणा करने जा रही है। लेकिन नतीजों से पहले ही कंपनी का शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर 6.12 रुपये पर पहुंच गया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर 60% से ज्यादा टूट चुका है, और बाजार में इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस लेख में हम वोडाफोन आइडिया के Q1 नतीजों की उम्मीदों, चुनौतियों और स्टॉक की स्थिति का विश्लेषण करेंगे।
स्टॉक में गिरावट: क्या है कारण?
वोडाफोन आइडिया के शेयर में हालिया गिरावट कई कारणों से आई है। कंपनी भारी कर्ज के बोझ तले दबी है, जिसकी कुल देनदारी 2.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी लगातार ग्राहकों की संख्या में कमी देख रही है, क्योंकि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसे प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। गुरुवार को शेयर 4% तक गिरकर 6.12 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर है। पिछले एक महीने में शेयर में 19% और साल-दर-साल (YTD) 22% की गिरावट दर्ज की गई है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, स्टॉक ने अपनी साप्ताहिक ट्रेंडलाइन तोड़ दी है और यह सभी प्रमुख साधारण मूविंग एवरेज (SMAs) से नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 32.8 पर है, जो दर्शाता है कि स्टॉक ओवरसोल्ड जोन के करीब है, लेकिन अभी भी इसमें और गिरावट की संभावना बनी हुई है।
Q1 नतीजों से क्या हैं उम्मीदें?
विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया Q1 FY26 में 6,853.30 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज कर सकती है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 7,840 करोड़ रुपये के घाटे से कम है। राजस्व में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो 11,152.50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल की तुलना में 6% अधिक है। कंपनी का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) 167 रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछली तिमाही में 164 रुपये था। यह सुधार ग्राहक मिश्रण में बदलाव और टैरिफ वृद्धि के कारण हो सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का EBITDA (एबिटा) 4,655.30 करोड़ रुपये रह सकता है, जिसमें मार्जिन 41.74% हो सकता है। लेकिन ग्राहक आधार में कमी और कर्ज का दबाव कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बनी रहेंगी।
कंपनी की रणनीति और हालिया कदम
वोडाफोन आइडिया ने हाल ही में अपनी 5G सेवाओं का विस्तार 17 शहरों तक किया है, जिसमें अहमदाबाद, सूरत, और कोझीकोड जैसे शहर शामिल हैं। कंपनी ने 299 रुपये से शुरू होने वाले प्लान्स पर अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर किया है, जिससे ग्राहकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, कंपनी ने आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स SPV 3 में 26% हिस्सेदारी हासिल की है, जो एक कैप्टिव पावर प्लांट संचालित करता है।
कंपनी के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने बताया कि हालिया इक्विटी फंडिंग के बाद, कंपनी अपनी 4G कवरेज और डेटा क्षमता को बढ़ाने पर काम कर रही है। अगले तीन साल में 50,000-55,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स की योजना है। लेकिन, कंपनी को बैंक फाइनेंसिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते वह डेविडसन केम्पनर और ओकट्री जैसे प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के साथ बातचीत कर रही है।

निवेशकों के लिए सलाह
वोडाफोन आइडिया के शेयरों में भारी गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। UBS ने हाल ही में स्टॉक को ‘बाय’ से ‘न्यूट्रल’ रेटिंग में डाउनग्रेड किया है, जिसका टारगेट प्राइस 8.50 रुपये है। विश्लेषकों का कहना है कि स्टॉक में और गिरावट की संभावना है, लेकिन अगर कंपनी अपने कर्ज को कम करने और 5G रोलआउट में सफल होती है, तो इसमें रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें और बाजार की स्थिति पर नजर रखें।
क्या है भविष्य?
वोडाफोन आइडिया के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है। कर्ज का बोझ, ग्राहकों की घटती संख्या, और प्रतिस्पर्धी दबाव कंपनी के सामने बड़ी बाधाएं हैं। हालांकि, सरकार की 48.99% हिस्सेदारी और 5G विस्तार की योजनाएं कुछ उम्मीद जगाती हैं। क्या कंपनी इन नतीजों के बाद बाजार में वापसी कर पाएगी? यह जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें