सिर्फ 23 लाख में दुबई का गोल्डन वीजा का सपना टूटा: जानें पूरी सच्चाई
हाल ही में सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर यह खबर वायरल हो रही थी कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीयों को सिर्फ 23 लाख रुपये में गोल्डन वीजा प्रदान कर रहा है, जिसके तहत वे दुबई में आजीवन रह सकते हैं। इस खबर ने लाखों भारतीयों के मन में दुबई में बसने का सपना जगा दिया था। लेकिन अब UAE सरकार और आधिकारिक सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे कई लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
इस लेख में हम इस वायरल खबर की सच्चाई, इसके पीछे की कहानी, और गोल्डन वीजा के वास्तविक नियमों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, हम यह भी बताएंगे कि इस तरह की भ्रामक खबरों से कैसे बचा जा सकता है।
क्या थी 23 लाख रुपये में गोल्डन वीजा की खबर?
पिछले कुछ दिनों में कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया था कि UAE सरकार ने एक नई “नॉमिनेशन-बेस्ड” गोल्डन वीजा पॉलिसी शुरू की है। इसके तहत भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक सिर्फ 1,00,000 दिरहम (लगभग 23.3 लाख रुपये) का एकमुश्त शुल्क देकर आजीवन रेजिडेंसी प्राप्त कर सकते हैं। पहले गोल्डन वीजा के लिए कम से कम 2 मिलियन दिरहम (लगभग 4.66 करोड़ रुपये) की प्रॉपर्टी या बिजनेस में निवेश की आवश्यकता होती थी।
रायद ग्रुप (Rayad Group) के हवाले से दावा किया गया था कि यह पायलट प्रोजेक्ट भारत और बांग्लादेश के लिए शुरू किया गया है, और पहले तीन महीनों में 5,000 से अधिक भारतीयों के आवेदन की उम्मीद है। इस खबर ने भारतीय मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग में खासा उत्साह पैदा किया था, क्योंकि यह दुबई में बसने का एक किफायती और आसान तरीका लग रहा था।
UAE सरकार का खंडन: सच्चाई क्या है?
9 जुलाई 2025 को UAE की फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट्स सिक्योरिटी (ICP) ने स्पष्ट किया कि 23 लाख रुपये में गोल्डन वीजा देने की खबर पूरी तरह से भ्रामक और आधारहीन है। ICP ने कहा कि गोल्डन वीजा के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और यह केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।
ICP ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद रायद ग्रुप ने भी एक बयान जारी कर इस भ्रम के लिए माफी मांगी और स्वीकार किया कि उनके द्वारा दी गई जानकारी गलत थी।

गोल्डन वीजा के वास्तविक नियम
UAE का गोल्डन वीजा एक लॉन्ग-टर्म रेजिडेंसी परमिट है, जो विदेशी नागरिकों को दुबई या अन्य अमीरात में रहने, काम करने, और पढ़ाई करने की अनुमति देता है। यह वीजा आमतौर पर 5 या 10 साल के लिए वैध होता है, और कुछ मामलों में इसे नवीनीकृत किया जा सकता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, गोल्डन वीजा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित श्रेणियों में योग्यता आवश्यक है:
- रियल एस्टेट निवेशक: कम से कम 2 मिलियन दिरहम (लगभग 4.66 करोड़ रुपये) की प्रॉपर्टी में निवेश करना होगा।
- व्यवसायी/उद्यमी: न्यूनतम 1.16 करोड़ रुपये का निवेश व्यवसाय में करना होगा। �คิดweb:19⁊
- विशेष प्रतिभा: डॉक्टर, वैज्ञानिक, उत्कृष्ट छात्र, या मानवतावादी कार्यकर्ता जो अपनी उपलब्धियों का प्रमाण दे सकें।
- पेशेवर: 11 लाख रुपये के सैलरी सर्टिफिकेट Facetune
नई नीति के तहत कोई भी “नॉमिनेशन-बेस्ड” गोल्डन वीजा प्रोग्राम शुरू नहीं किया गया है, और 23 लाख रुपये में आजीवन रेजिडेंसी का दावा पूरी तरह से गलत है।
इस भ्रामक खबर का प्रभाव
इस खबर ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचाई थी। कई लोगों ने इसे दुबई में बसने का सुनहरा अवसर माना और आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई। X पर वायरल पोस्ट्स में कुछ यूजर्स ने इसे “देशभक्ति छोड़ने” का मौका बताया, तो कुछ ने मजाक में कहा कि वे “बैंक पहुंच चुके हैं।” लेकिन UAE के आधिकारिक खंडन के बाद यह साफ हो गया कि यह खबर एक मार्केटिंग चाल या गलत सूचना का परिणाम थी।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने इसे “रीब्रांडिंग का खेल” करार दिया, जिसका मकसद लोगों को आकर्षित करना और संभवतः अवैध रूप से धन इकट्ठा करना था। इस तरह की खबरों ने न केवल भारतीयों की उम्मीदों को तोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि बिना आधिकारिक पुष्टि के ऐसी खबरों पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।

भारत पर संभावित प्रभाव
यदि 23 लाख रुपये में गोल्डन वीजा की खबर सही होती, तो इसका भारत पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत से धन और प्रतिभा का पलायन बढ़ सकता था, खासकर केरल और पंजाब जैसे राज्यों से, जहां पहले से ही विदेश पलायन की दर अधिक है। इससे स्थानीय श्रम की कमी और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ सकता था। साथ ही, UAE को रियल एस्टेट और उपभोक्ता बाजार में लाभ होता, क्योंकि वीजा धारक वहां किराए पर घर लेते या अन्य खर्च करते।
हालांकि, अब जब यह खबर झूठी साबित हुई है, भारतीयों को गोल्डन वीजा के लिए पुराने नियमों का ही पालन करना होगा, जिसमें भारी निवेश की आवश्यकता है।
भ्रामक खबरों से कैसे बचें?
इस घटना से यह सीख मिलती है कि ऐसी आकर्षक खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। निम्नलिखित सुझाव आपकी मदद कर सकते हैं:
- आधिकारिक स्रोतों की जांच करें: हमेशा UAE की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे ICP या GDRFAD) या विश्वसनीय संस्थानों से जानकारी लें।
- सोशल मीडिया पर सतर्क रहें: X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वायरल खबरें अक्सर भ्रामक हो सकती हैं।
- विशेषज्ञों से सलाह लें: इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स या वकीलों से संपर्क करें जो UAE के वीजा नियमों से परिचित हों।
- धन हस्तांतरण से बचें: किसी भी अनौपचारिक चैनल के माध्यम से पैसे न भेजें, खासकर जब तक पूरी तरह से पुष्टि न हो जाए।
निष्कर्ष
23 लाख रुपये में दुबई का गोल्डन वीजा देने की खबर ने भारतीयों में एक नई उम्मीद जगाई थी, लेकिन UAE सरकार के खंडन ने इस सपने को चकनाचूर कर दिया। यह घटना हमें सिखाती है कि आकर्षक ऑफर्स के पीछे की सच्चाई को जांचना कितना महत्वपूर्ण है। यदि आप दुबई में बसने का सपना देख रहे हैं, तो केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आवेदन करें और भ्रामक खबरों से बचें।
अधिक जानकारी के लिए, UAE की आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे ICP या GDRFAD पर जाएं।
सिर्फ 23 लाख में दुबई का गोल्डन वीजा देने की खबर झूठी निकली। UAE सरकार ने स्पष्ट किया कि गोल्डन वीजा के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानें पूरी सच्चाई।