500 रुपये से शुरू किया कारोबार, धीरूभाई अंबानी ने खड़ी की रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी

500 रुपये से शुरू किया कारोबार, धीरूभाई अंबानी ने खड़ी की रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी,धीरूभाई की सोच: “बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे सोचो, शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री,मसालों और यार्न से शुरूआत,1966 में रखी रिलायंस की नींव,रिलायंस: देश की सबसे बड़ी कंपनी,

भारत के सबसे सफल उद्यमियों में शुमार धीरूभाई अंबानी की कहानी आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने मात्र 500 रुपये से अपने कारोबारी सफर की शुरुआत की थी और अपने संघर्ष, दूरदृष्टि और मेहनत के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की नींव रखी, जो आज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में गिनी जाती है।

शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री

1977 में रिलायंस का आईपीओ लॉन्च हुआ और यह पहला मौका था जब भारत में एक आम निवेशक ने किसी कंपनी में इतने बड़े पैमाने पर निवेश किया। उस दौर में रिलायंस ने पारदर्शिता, भरोसे और मुनाफे के दम पर लाखों लोगों का विश्वास जीता।

500 रुपये से शुरू किया कारोबार, धीरूभाई अंबानी ने खड़ी की रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी
500 रुपये से शुरू किया कारोबार,

मसालों और यार्न से शुरूआत

धीरजलाल हीराचंद अंबानी, जिन्हें दुनिया आज धीरूभाई अंबानी के नाम से जानती है, ने अपने व्यवसाय की शुरुआत मसालों और यार्न (सूती धागे) की ट्रेडिंग से की थी। यमन में काम करते समय उन्होंने बिजनेस की बारीकियां सीखीं और भारत लौटकर केवल 500 रुपये की पूंजी से व्यापार शुरू किया।

1966 में रखी रिलायंस की नींव

1966 में धीरूभाई ने ‘रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन’ की स्थापना की। शुरुआत में यह कंपनी पॉलिएस्टर यार्न और टेक्सटाइल के व्यापार से जुड़ी थी। लेकिन धीरूभाई की सोच सामान्य व्यापारी से कहीं आगे थी। उन्होंने टेक्सटाइल ब्रांड “विमल” को पूरे भारत में पहचान दिलाई।

रिलायंस: देश की सबसे बड़ी कंपनी

आज रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का विस्तार रिटेल, पेट्रोकेमिकल्स, टेलीकॉम (Jio), एनर्जी और डिजिटल सेवाओं तक हो चुका है। धीरूभाई अंबानी के बेटे मुकेश अंबानी ने इस विरासत को और ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। कंपनी का मार्केट कैप आज लाखों करोड़ रुपये में है, और यह देश के आर्थिक विकास में एक अहम स्तंभ बन चुकी है।

500 रुपये से शुरू किया कारोबार, धीरूभाई अंबानी ने खड़ी की रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी
रिलायंस: देश की सबसे बड़ी कंपनी

धीरूभाई की सोच: “बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे सोचो”

“सपने वो नहीं जो नींद में आएं, सपने वो हैं जो आपको नींद नहीं आने दें।”

धीरूभाई अंबानी की कहानी एक ऐसे इंसान की दास्तां है, जिसने ज़मीन से उठकर आसमान को छुआ। उनके संघर्ष, जुनून और दूरदर्शिता ने भारत को एक ऐसी कंपनी दी जो आज न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में नाम कमा रही है।

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  • flasahsamachar

    मेरा नाम Tanmay patil “मैं एक हिंदी न्यूज़ ब्लॉग लिखता हूं, पिछले 2 सालों से ताज़ा खबरें, राजनीति और समाज से जुड़ी सटीक व रोचक जानकारियाँ पाठकों तक पहुँचाने का काम कर रहा हूं।”

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