8 KM जाम 32 घंटे का इंतजार और तीन मौतें: इंदौर देवास हाईवे की दर्दनाक हादसा जानिए पूरा मामला,क्या हुआ इंदौर-देवास हाईवे पर,प्रशासन की लापरवाही बनी मौत की वजह,सोशल मीडिया पर उठा हंगामा,सरकार का बयान और जांच के आदेश
मध्यप्रदेश के इंदौर-देवास हाईवे पर एक भीषण ट्रैफिक जाम ने लोगों की जान तक ले ली। लगभग 32 घंटे तक चले इस जाम में हजारों वाहन फंसे रहे और कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने प्रदेश के ट्रैफिक प्रबंधन और प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ इंदौर-देवास हाईवे पर?
गुरुवार रात से शुक्रवार शाम तक इंदौर से देवास की ओर जाने वाले हाईवे पर 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जाम भारी वाहनों, कंटेनरों और ओवरलोड ट्रकों के कारण शुरू हुआ, लेकिन समय पर ट्रैफिक कंट्रोल नहीं होने से हालात बेकाबू हो गए।
लोगों ने बताया कि वे घंटों तक बिना पानी, भोजन और टॉयलेट सुविधा के वाहन में फंसे रहे। स्थिति तब और भयावह हो गई जब तीन लोगों की जान चली गई – एक बीमार महिला, एक नवजात शिशु, और एक बुजुर्ग व्यक्ति इस जाम के शिकार बन गए।

प्रशासन की लापरवाही बनी मौत की वजह
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि उन्होंने कई बार हेल्पलाइन और प्रशासनिक नंबरों पर कॉल किए, लेकिन कोई मदद समय पर नहीं पहुंची। 32 घंटे बाद जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया और रेस्क्यू शुरू हुआ।
सोशल मीडिया पर उठा हंगामा
#IndoreTrafficJam और #DewasHighway ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड करने लगे। लोगों ने वीडियो और फोटो साझा कर प्रशासन की नींद तोड़ी। इसके बाद पुलिस, NHAI और जिला प्रशासन ने रातभर ऑपरेशन चलाकर जाम हटाया।
सरकार का बयान और जांच के आदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है कि ऐसी स्थिति कैसे बनी और आगे इससे बचाव कैसे किया जाएगा।

इंदौर-देवास हाईवे पर लगा यह जाम मात्र एक ट्रैफिक समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी मिसाल बन गया है। अगर समय रहते कार्यवाही की जाती, तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं। अब सवाल है – क्या प्रशासन अगली बार पहले से तैयार होगा या फिर कोई और हादसा इंतजार कर रहा है?