ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर

ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक सनसनीखेज अवैध धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसके मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को उत्तर प्रदेश ATS ने गिरफ्तार किया है। इस रैकेट में हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर जबरन धर्मांतरण करवाया जाता था, और इसके लिए एक चौंकाने वाला “रेट कार्ड” सामने आया है। इसके अनुसार, ब्राह्मण, क्षत्रिय, या सिख युवतियों के धर्मांतरण के लिए ₹15-16 लाख, पिछड़ी जातियों के लिए ₹10-12 लाख, और अन्य जातियों के लिए ₹8-10 लाख की राशि दी जाती थी। इस लेख में हम इस रैकेट की पूरी कहानी, इसके पीछे की साजिश, और समाज पर इसके प्रभाव पर चर्चा करेंगे।

छांगुर बाबा और धर्मांतरण रैकेट की सच्चाई

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 6 जुलाई 2025 को बलरामपुर के उतरौला में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया। ATS के अनुसार, यह गिरोह “प्यार, पैसा, और पहचान” के हथियारों का इस्तेमाल कर हिंदू युवतियों को फंसाता था। डराने, ब्लैकमेल करने, और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था।

छांगुर बाबा का यह रैकेट पिछले 40 वर्षों से सक्रिय था और इसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। ATS ने खुलासा किया कि इस रैकेट के पास 40 से अधिक बैंक खाते थे, जिनमें करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यह धन विदेशी इस्लामिक देशों से फंडिंग के रूप में आता था, जिसका उपयोग बंगले, शोरूम, और लग्जरी गाड़ियां खरीदने में किया गया।

रेट कार्ड का खुलासा

इस रैकेट की सबसे चौंकाने वाली बात इसका “रेट कार्ड” है, जो जाति के आधार पर धर्मांतरण की कीमत तय करता था:

  • ब्राह्मण, क्षत्रिय, और सिख युवतियां: ₹15-16 लाख
  • पिछड़ी जातियां (OBC): ₹10-12 लाख
  • अन्य जातियां: ₹8-10 लाख

यह रेट कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। X पर कई यूजर्स ने इसे “लव जिहाद का मास्टरमाइंड” करार दिया और समाज में ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर
ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर

रैकेट का नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन

ATS की जांच में पता चला कि छांगुर बाबा और उसका गिरोह उत्तर प्रदेश से लेकर पुणे और मुंबई तक फैला हुआ था। मुंबई के एक दंपति, नवीन और नीतू रोहरा (जिन्होंने धर्मांतरण के बाद अपने नाम बदलकर कलीमुद्दीन और नसरीन रख लिए थे), इस रैकेट का हिस्सा थे। इन लोगों ने उतरौला में एक अस्पताल स्थापित किया था, जिसे धर्मांतरण की योजना के लिए इस्तेमाल किया जाता था। उनकी बेटी का नाम भी बदलकर साबिहा रखा गया था।

इस रैकेट को विदेशी फंडिंग मिल रही थी, और छांगुर बाबा कई बार विदेश यात्रा कर चुका था। ATS अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और फंडिंग के स्रोतों की तलाश में है।

ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर
ब्राह्मण के लिए ₹16 लाख! छांगुर बाबा का धर्मांतरण रेट कार्ड उजागर

समाज और कानून पर प्रभाव

इस घटना ने समाज में गहरी चिंता पैदा की है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “लव जिहाद” और संगठित अपराध का हिस्सा मान रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, “विचार कीजिए, देश में क्या-क्या चल रहा है?” इस रैकेट ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि इतने बड़े पैमाने पर यह नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था।

कानूनी तौर पर, छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के खिलाफ लखनऊ ATS थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत ऐसी गतिविधियों पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें 7 साल तक की जेल और जुर्माना शामिल है।

सरकार और प्रशासन की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार और ATS ने इस रैकेट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने छांगुर बाबा की कोठी के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया है, और अन्य संपत्तियों की जांच की जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

निष्कर्ष

छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के धर्मांतरण रैकेट ने समाज में एक गंभीर मुद्दे को उजागर किया है। ₹16 लाख के रेट कार्ड से लेकर विदेशी फंडिंग तक, इस मामले ने लोगों को चौंका दिया है। यह घटना हमें सिखाती है कि धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी है। यदि आपको ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या ATS से संपर्क करें।

अधिक जानकारी के लिए, उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट uppolice.gov.in पर जाएं।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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