एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष

एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष

12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के मात्र 32 सेकंड बाद मेघाणीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई, जबकि केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से जीवित बचा।

विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को अपनी 15 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह लेख इस रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों, कॉकपिट संवाद, और संभावित कारणों पर प्रकाश डालता है, जो इस त्रासदी की गहराई को समझने में मदद करता है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हादसे के अंतिम 98 सेकंड की घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। यहाँ कुछ प्रमुख निष्कर्ष हैं:

1. ईंधन आपूर्ति का अचानक बंद होना

  • घटना: टेकऑफ के 3 सेकंड बाद, विमान के दोनों इंजनों (GE GEnx-1B) के फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकंड के अंतराल में ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए, जिसके कारण इंजनों को ईंधन आपूर्ति बंद हो गई। यह असामान्य घटना हादसे का प्राथमिक कारण मानी जा रही है।
  • परिणाम: ईंधन आपूर्ति बंद होने से दोनों इंजनों ने थ्रस्ट खो दिया, जिसके कारण विमान ऊँचाई हासिल नहीं कर सका और तेजी से नीचे गिरने लगा।

2. कॉकपिट में भ्रम और मेडे कॉल

  • पायलटों का संवाद: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से पता चला कि टेकऑफ के बाद एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” जिसका जवाब दूसरा पायलट देता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह संवाद दोनों पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति को दर्शाता है।
  • मेडे कॉल: टेकऑफ के 30 सेकंड बाद, एक पायलट ने “मेडे, मेडे, मेडे” का आपातकालीन संदेश प्रसारित किया, जो जीवन-घातक स्थिति का संकेत देता है।
एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष
एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष

3. इंजन री-स्टार्ट का असफल प्रयास

  • पायलटों की प्रतिक्रिया: फ्यूल कंट्रोल स्विच को पांच सेकंड बाद वापस ‘RUN’ स्थिति में लाया गया, जिससे इंजन 1 री-स्टार्ट होने के संकेत देने लगा। दो सेकंड बाद APU (ऑक्जिलियरी पावर यूनिट) इनलेट डोर ऑटो-स्टार्ट लॉजिक के साथ खुलने लगा, और इंजन 2 भी स्थिर होने के संकेत दे रहा था।
  • समय की कमी: हालांकि, विमान को ऊँचाई बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला, और यह 98 सेकंड के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

4. राम एयर टरबाइन (RAT) की तैनाती

  • RAT का उपयोग: टेकऑफ के 10 सेकंड बाद, विमान की ऊँचाई बढ़ाने के लिए राम एयर टरबाइन (RAT) को तैनात किया गया। RAT का उपयोग तब किया जाता है जब इंजन या हाइड्रोलिक सिस्टम विफल हो जाते हैं।
  • प्रभाव: RAT की तैनाती के बावजूद, विमान की गति और ऊँचाई को स्थिर करने में सफलता नहीं मिली।

5. लैंडिंग गियर और फ्लैप्स की स्थिति

  • असामान्य स्थिति: प्रारंभिक जांच में सामने आया कि टेकऑफ के दौरान लैंडिंग गियर बाहर ही रहा, और विंग फ्लैप्स पूरी तरह बंद थे, जो बोइंग 787-8 के लिए असामान्य है। सामान्य रूप से, टेकऑफ के लिए फ्लैप्स को 5 या उससे अधिक पर सेट किया जाता है।
  • संभावित कारण: यह संभव है कि पायलटों ने हवा का प्रतिरोध कम करने के लिए फ्लैप्स को जल्दी बंद किया हो, क्योंकि लैंडिंग गियर और फ्लैप्स दोनों के बाहर होने से विमान की चढ़ाई मुश्किल हो जाती है।

6. कोई यांत्रिक खराबी नहीं

  • इंजन और विमान की स्थिति: जांच में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर या इसके GE GEnx-1B इंजनों में कोई बड़ी यांत्रिक खराबी नहीं पाई गई। दोनों इंजनों को हाल ही में स्थापित किया गया था—बाएँ इंजन को 1 मई 2025 और दाएँ इंजन को 26 मार्च 2025 को।
  • ईंधन की गुणवत्ता: टैंकरों और ईंधन टैंकों से लिए गए नमूनों का DGCA की प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया, और यह संतोषजनक पाया गया।

7. बर्ड हिट से इनकार

  • जांच का निष्कर्ष: AAIB की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हादसे का कारण बर्ड हिट नहीं था, क्योंकि दुर्घटना स्थल पर इसके कोई सबूत नहीं मिले।

8. संभावित तोड़फोड़ की आशंका

  • विशेषज्ञों की राय: विमानन विशेषज्ञों, जैसे कैप्टन मोहन रंगनाथन, ने सुझाव दिया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच का अचानक ‘CUTOFF’ में जाना जानबूझकर कार्रवाई, संभवतः पायलट द्वारा आत्महत्या का परिणाम हो सकता है। इसकी तुलना जर्मनविंग्स फ्लाइट 9525 और मलेशिया एयरलाइंस फ्लाइट 370 जैसे मामलों से की गई है।
  • जांच की दिशा: नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने 29 जून 2025 को NDTV को बताया कि तोड़फोड़ की संभावना की भी जांच की जा रही है।

9. ब्लैक बॉक्स डेटा

  • बरामदगी: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) 13 जून 2025 को हॉस्टल की छत से और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) 16 जून 2025 को मलबे से बरामद किया गया। दोनों से “अच्छा डेटा” प्राप्त हुआ, जो जांच में महत्वपूर्ण रहा।
  • भारत में डिकोडिंग: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि ब्लैक बॉक्स डेटा को अब भारत में ही डिकोड किया जा सकता है, क्योंकि देश में आधुनिक लैब सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष
एयर इंडिया विमान हादसा 2025: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्ष

10. पिछली तकनीकी चेतावनी

  • FAA का नोटिस: 2018 में FAA ने फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग में खराबी को लेकर एक नोटिस जारी किया था, लेकिन इसका निरीक्षण अनिवार्य नहीं था। AAIB की रिपोर्ट में संकेत दिया गया कि एयर इंडिया ने इस चेतावनी को नजरअंदाज किया हो सकता है।

हादसे का प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ

  • मृतकों की संख्या: हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मृत्यु हुई। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस हादसे के शिकार थे।
  • जीवित बचा यात्री: 39 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश, एक भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक, इस हादसे में चमत्कारिक रूप से जीवित बचे। उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।
  • DNA प्रोफाइलिंग: 19 शवों की DNA प्रोफाइलिंग पूरी हो चुकी है, और 11 शव परिवारों को सौंपे गए हैं।
  • सरकारी प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुर्घटना स्थल और अस्पताल का दौरा किया। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है, और अंतिम निष्कर्षों के लिए और जांच की आवश्यकता है।
  • एयर इंडिया की प्रतिक्रिया: एयर इंडिया ने कहा कि वे अभी प्रारंभिक रिपोर्ट पर टिप्पणी नहीं करेंगे और जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे।

भविष्य की जांच और सुरक्षा उपाय

  • आगे की जांच: AAIB ने स्पष्ट किया कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है, और अंतिम निष्कर्ष के लिए गहन जांच जारी रहेगी। इसमें पायलट प्रशिक्षण, तकनीकी प्रणालियों, और सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा शामिल होगी।
  • DGCA के आदेश: DGCA ने एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की हर उड़ान से पहले सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: अमेरिका (NTSB), ब्रिटेन (AAIB-UK), पुर्तगाल, और कनाडा के विशेषज्ञ जांच में सहयोग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 का हादसा भारत के विमानन इतिहास में एक दुखद अध्याय है। AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने फ्यूल कंट्रोल स्विच के अचानक बंद होने, पायलटों के बीच भ्रम, और तकनीकी खामियों की ओर इशारा किया है। हालांकि, तोड़फोड़ की आशंका और पिछली चेतावनियों को नजरअंदाज करने जैसे सवाल अभी अनुत्तरित हैं। अंतिम रिपोर्ट हादसे के सटीक कारणों को स्पष्ट करेगी, जो भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने में मदद करेगी। सरकार और विमानन प्राधिकरण इस दिशा में कड़े कदम उठा रहे हैं ताकि विमानन सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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