बायोकॉन ने Q1FY26 में दर्ज किया 31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, बायोसिमिलर कारोबार में शानदार प्रदर्शन
Biocon लिमिटेड ने पहली तिमाही में 15% की राजस्व वृद्धि के साथ मजबूत शुरुआत की
Biocon लिमिटेड, भारत की अग्रणी बायोफार्मास्युटिकल कंपनी, ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में 31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह प्रदर्शन पिछले साल की समान तिमाही में 660 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में 95% कम है, लेकिन कंपनी ने परिचालन राजस्व में 15% की वृद्धि हासिल की, जो 3,942 करोड़ रुपये रहा। इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय बायोसिमिलर और CRDMO (कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च, डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन) व्यवसायों की शानदार वृद्धि को जाता है, जबकि जेनेरिक्स सेगमेंट ने स्थिर प्रदर्शन किया।
बायोसिमिलर कारोबार की चमक, राजस्व में 15% की वृद्धि
Biocon ने Q1FY26 में परिचालन राजस्व 3,942 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 3,433 करोड़ रुपये से 14.8% अधिक है। EBITDA (एबिटा) में 19% की वृद्धि देखी गई, जो 829 करोड़ रुपये रहा, जबकि कोर EBITDA 1,003 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसमें मार्जिन 25% रहा। कंपनी ने अनुसंधान और विकास (R&D) पर 205 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो परिचालन राजस्व का 7% है (सिन्जीन को छोड़कर)।
किरण मजूमदार-शॉ, बायोकॉन ग्रुप की चेयरपर्सन, ने कहा, “हमने FY26 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है, जिसमें बायोसिमिलर और CRDMO व्यवसायों ने शानदार गति दिखाई। जेनेरिक्स सेगमेंट स्थिर रहा। हाल ही में QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) ने हमारी बैलेंस शीट को और मजबूत किया है, जिससे बायोकॉन बायोलॉजिक्स में हमारी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिली।”

QIP और Biocon बायोलॉजिक्स में हिस्सेदारी
Biocon ने जून 2025 में 4,500 करोड़ रुपये का QIP पूरा किया, जिसका उपयोग बायोकॉन बायोलॉजिक्स में हिस्सेदारी बढ़ाने और संरचनात्मक इक्विटी निवेशकों के बाहर निकलने की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया। इससे कंपनी की पूंजी संरचना को दीर्घकालिक रणनीतिक प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करने में मदद मिली है। इसके अलावा, कंपनी ने बेंगलुरु में एक नई GLP-1 केंद्रित इंजेक्शन सुविधा शुरू की, जिसका व्यावसायीकरण FY27 में होने की उम्मीद है।
बायोसिमिलर और वैश्विक विस्तार
Biocon का बायोसिमिलर व्यवसाय इस तिमाही में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, जिसमें वैश्विक बाजारों में बढ़ती हिस्सेदारी और 19 नए उत्पाद लॉन्च शामिल हैं। कंपनी ने पहले से ही 12 बायोसिमिलर को व्यावसायीकरण कर लिया है और उन्नत और उभरते बाजारों में अपने पैर जमाने का काम जारी रखा है। श्रीहास तांबे, Biocon बायोलॉजिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक, ने कहा, “हम अपनी वैश्विक उपस्थिति को गहरा करने और निरंतर विकास प्रदान करने की अपनी क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं।”
पिछले साल की तुलना में शुद्ध लाभ में कमी
पिछले साल की पहली तिमाही में Biocon ने 660 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था, जो बायोकॉन बायोलॉजिक्स और एरिस लाइफसाइंसेज के बीच रणनीतिक सहयोग से प्राप्त 1,057 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के कारण था। इस साल इस तरह की कोई असाधारण आय नहीं थी, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध लाभ में 95% की कमी देखी गई। हालांकि, समायोजित आधार पर (like-for-like), शुद्ध लाभ में 342% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बायोसिमिलर व्यवसाय की मजबूती और परिचालन दक्षता को दर्शाता है।
सिन्जीन और जेनेरिक्स का प्रदर्शन
सिन्जीन इंटरनेशनल, Biocon की रिसर्च सर्विसेज शाखा, ने इस तिमाही में स्थिर प्रदर्शन दिखाया। हालांकि, जेनेरिक्स व्यवसाय को मूल्य दबाव और मांग में कमी का सामना करना पड़ा। कंपनी को उम्मीद है कि Q3 और Q4 में नए फॉर्मूलेशन लॉन्च से इस सेगमेंट में सुधार होगा।

भविष्य की योजनाएं और रणनीति
Biocon अगले 12-18 महीनों में पांच नए बायोसिमिलर उत्पाद लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिसमें bUstekinumab और bAflibercept जैसे उत्पाद शामिल हैं। कंपनी ने हाल ही में अमेरिका में YESINTEK™ (Ustekinumab-kfce) के लिए FDA की मंजूरी प्राप्त की है, जो फरवरी 2025 में लॉन्च होने वाला है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ में Liraglutide (Saxenda® और Victoza®) के लिए मंजूरी मिली है, जो GLP-1 थेरेपी में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगी।
कंपनी ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत अमेरिका में एक अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा का अधिग्रहण भी किया है, जिससे वहां उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। किरण मजूमदार-शॉ ने कहा, “हम नवाचार, डिजिटल वृद्धि और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ तेजी से विकास के पथ पर हैं।”
निष्कर्ष
बायोकॉन ने Q1FY26 में बायोसिमिलर और CRDMO व्यवसायों के नेतृत्व में मजबूत परिचालन प्रदर्शन दिखाया है। हालांकि शुद्ध लाभ में कमी आई, लेकिन यह पिछले साल की असाधारण आय के अभाव के कारण है। कंपनी की रणनीतिक पहल, जैसे QIP और नई सुविधाओं का विकास, इसे दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत स्थिति में रखती हैं। Biocon की वैश्विक विस्तार योजनाएं और नए उत्पाद लॉन्च इसे बायोफार्मास्युटिकल उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाए रखेंगे।