इंजीनियर्स डे 2025: समाज निर्माण में इंजीनियरों का अहम योगदान

इंजीनियर्स डे 2025: समाज निर्माण में इंजीनियरों का अहम योगदान

हर साल 15 सितंबर को भारत में इंजीनियर्स डे (Engineers Day) मनाया जाता है। यह दिन महान अभियंता भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती को समर्पित है। इंजीनियर्स डे उन सभी इंजीनियरों के सम्मान का दिन है, जिन्होंने देश और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है?

भारत के महान इंजीनियर और योजनाकार मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने आधुनिक भारत के निर्माण में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने कर्नाटक के कृष्णराज सागर बांध और कई सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण कराया। उनकी प्रतिभा और दूरदृष्टि ने उन्हें “भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग के जनक” का दर्जा दिलाया।

इंजीनियरों का समाज में योगदान

  1. इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास – सड़कें, पुल, बांध, मेट्रो और इमारतें इंजीनियरों की देन हैं।
  2. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन – मोबाइल, इंटरनेट, AI और रोबोटिक्स जैसी तकनीक से जीवन आसान बना।
  3. ऊर्जा और पर्यावरण – सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में योगदान।
  4. स्वास्थ्य क्षेत्र – मेडिकल उपकरण, बायोटेक और फार्मा सेक्टर में नए आविष्कार।
इंजीनियर्स डे 2025: समाज निर्माण में इंजीनियरों का अहम योगदान
इंजीनियर्स डे 2025: समाज निर्माण में इंजीनियरों का अहम योगदान

2025 में इंजीनियर्स की अहम भूमिका

डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्मार्ट सिटी मिशन जैसे प्रोजेक्ट्स इंजीनियरों के बिना संभव नहीं। AI, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस साइंस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इंजीनियर्स भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

निष्कर्ष

इंजीनियर्स डे सिर्फ एक जयंती नहीं बल्कि यह नवाचार, मेहनत और तकनीकी विकास का उत्सव है। आज का युवा इंजीनियर भारत को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा करने में अग्रसर है।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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