तांबे की बोतल से पानी पीना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। जानिए किन 5 लोगों को कॉपर वाटर से बचना चाहिए और इसके संभावित साइड इफेक्ट्स।
तांबे की बोतल (Copper Bottle) से पानी पीना आयुर्वेद में सेहतमंद माना गया है। यह पाचन शक्ति बढ़ाने, शरीर को डिटॉक्स करने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तांबे का पानी (Tamra Jal) हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता? कुछ लोगों के लिए यह नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं किन 5 तरह के लोगों को तांबे की बोतल से पानी पीने से बचना चाहिए।
1. जिन्हें लिवर से जुड़ी समस्या है
तांबे का पानी लिवर पर सीधा असर डालता है। जिन लोगों को पहले से फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या अन्य लिवर संबंधी रोग हैं, उन्हें कॉपर वाटर से परहेज़ करना चाहिए, वरना समस्या और गंभीर हो सकती है।
2. किडनी के मरीज
तांबे का अधिक सेवन किडनी पर दबाव डालता है। किडनी रोगियों के लिए यह हानिकारक हो सकता है क्योंकि उनका शरीर अतिरिक्त कॉपर को आसानी से बाहर नहीं निकाल पाता।
3. गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान शरीर में मिनरल्स का संतुलन बेहद जरूरी होता है। कॉपर की अधिक मात्रा भ्रूण के विकास पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के तांबे की बोतल से पानी नहीं पीना चाहिए।
4. कॉपर एलर्जी वाले लोग
कुछ लोगों को कॉपर से एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को तांबे का पानी पीने से त्वचा पर दाने, खुजली या पेट की परेशानी हो सकती है। अगर पहले से एलर्जी का इतिहास है तो कॉपर वाटर से बचना जरूरी है।
5. जिन्हें कॉपर की अधिकता (Copper Toxicity) है
अगर शरीर में पहले से ही कॉपर का स्तर ज्यादा है तो तांबे की बोतल से पानी पीना और नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लक्षणों में उल्टी, पेट दर्द, सिरदर्द और थकान शामिल हैं।

निष्कर्ष
तांबे की बोतल से पानी पीना कई लोगों के लिए सेहतमंद हो सकता है, लेकिन हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। खासकर ऊपर बताए गए लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन न करें। संतुलित और सीमित मात्रा में कॉपर वाटर का सेवन ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।