प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मई, 2025 से शुरू होने वाले तीन दिनों में पांच राज्यों—सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश—का दौरा करेंगे, जिसमें वे छह रैलियों और रोड शो में शामिल होंगे। यह तीव्र अभियान उनके विकास कार्यों और जनता से सीधे संवाद की रणनीति को दर्शाता है, खासकर बिहार जैसे राज्यों में जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। नीचे उनके दौरे का विस्तृत विवरण दिया गया है, जो एक्स पर उपलब्ध जानकारी और वेब स्रोतों पर आधारित है:
29 मई 2025
1.सिक्किम: पीएम मोदी सिक्किम के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे।एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल हो सकता है। सिक्किम में उनकी उपस्थिति राज्य के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

2.पश्चिम बंगाल: कोलकाता में एक भव्य रोड शो का आयोजन, जो सुबह से शुरू होगा।इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें स्थानीय मुद्दों और केंद्र की योजनाओं पर जोर होगा।यह दौरा बंगाल में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

30 मई, 2025
3.बिहार: भागलपुर में एक रैली को संबोधित करेंगे, जहां 5 लाख किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। बिहार में उनकी सक्रियता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए के अभियान की शुरुआत का संकेत है। किसानों और ग्रामीण मतदाताओं को संबोधित करते हुए कृषि और विकास योजनाओं पर फोकस रहेगा।
4.उत्तर प्रदेश:कानपुर में दोपहर को पहुंचेंगे, जहां वे पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात करेंगे। सीएसए ग्राउंड, कानपुर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद एक रोड शो, जो यूपी में भाजपा के मजबूत आधार को और सुदृढ़ करेगा।
31 मई, 2025
5.मध्य प्रदेश: भोपाल में एक विशेष महिला-केंद्रित रैली को संबोधित करेंगे, जो “ऑपरेशन सिंदूर” के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। इस रैली में महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास भी संभावित है।

महत्वपूर्ण बिंदु दौरे के बारे में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 29 मई, 2025 से शुरू होने वाला तीन दिवसीय पांच राज्यों का दौरा—सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, और मध्य प्रदेश—उनकी विकासोन्मुखी रणनीति और जनता से सीधे संवाद की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस दौरे में वे छह रैलियों और रोड शो में शामिल होंगे, जो उनकी तीसरी बार केंद्र में सत्ता और हाल की दिल्ली विधानसभा चुनावों में जीत के बाद जनता के बीच उत्साह बढ़ाने का प्रयास है। सिक्किम में स्वर्ण जयंती समारोह के साथ शुरुआत करते हुए, पीएम मोदी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जो “विकसित भारत” के विजन को मजबूत करेगा। पश्चिम बंगाल में कोलकाता का रोड शो और जनसभा भाजपा की क्षेत्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ करेगा। बिहार में, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, भागलपुर की रैली में 5 लाख किसानों को संबोधित कर कृषि और ग्रामीण विकास पर जोर होगा। उत्तर प्रदेश में कानपुर में शहीद परिवार से मुलाकात और रोड शो सामाजिक-राजनीतिक संदेश को बढ़ाएंगे। मध्य प्रदेश की भोपाल रैली में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत महिला सशक्तिकरण पर फोकस रहेगा, जिसमें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “उज्ज्वला योजना” जैसी योजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। यह दौरा न केवल विकास परियोजनाओं को गति देगा, बल्कि भाजपा के राजनीतिक आधार को मजबूत करने और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह दौरा पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने से पहले उनके व्यस्त कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें वे विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देंगे।कुछ स्रोतों में 6 राज्यों (गुजरात सहित) का उल्लेख है, लेकिन पांच राज्यों का दौरा अधिक सुसंगत जानकारी है।यह व्यस्त कार्यक्रम पीएम मोदी की ऊर्जा और जनता से जुड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही यह उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को मजबूत करता है।