सोने की कीमतों में 40% की वृद्धि के बावजूद, इस त्योहारों में भारतीय सोना खरीदने के लिए कितना उत्साहित हैं? जानिए बाजार और निवेश की स्थिति।
भारत में सोने की कीमतें 2025 में ₹1,09,388 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40% की वृद्धि है। इस वृद्धि के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं का सोने की खरीदारी के प्रति दृष्टिकोण मिश्रित है।
सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ: रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व तनाव, और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने सोने की कीमतों को प्रभावित किया है।
- भारत में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: भारत के केंद्रीय बैंक ने सोने की खरीदारी बढ़ाई है, जिससे घरेलू मांग में वृद्धि हुई है।
त्योहारों में सोने की खरीदारी पर प्रभाव
- सांस्कृतिक महत्व: भारत में सोने को शुभ और स्थायी निवेश माना जाता है, विशेषकर त्योहारों और शादियों के दौरान।
- निवेश रुचि में वृद्धि: उपभोक्ता सोने के सिक्के और बार में निवेश कर रहे हैं, जिससे ज्वैलरी की खरीदारी में कमी आई है।
- GST में कटौती की संभावना: वर्तमान में सोने पर GST 3% है, और कुछ व्यापारी 1% की दर की मांग कर रहे हैं, जिससे कीमतों में और कमी हो सकती है।

बाजार की स्थिति
- मांग में कमी: विश्लेषकों के अनुसार, उच्च कीमतों के कारण ज्वैलरी की मांग में 10-15% की कमी हो सकती है।
- निवेश में वृद्धि: सोने में निवेश की रुचि बढ़ी है, जिससे कुल खरीदारी मूल्य में वृद्धि हो सकती है।
निष्कर्ष
हालांकि सोने की कीमतों में वृद्धि उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही है, फिर भी सांस्कृतिक महत्व और निवेश के दृष्टिकोण से सोने की खरीदारी जारी रहने की संभावना है। GST में संभावित कटौती और निवेश विकल्पों की उपलब्धता उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकती है।