पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल की आशंका और इमरान खान की रिहाई की संभावना 11 जून को पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई को लेकर बढ़ती चर्चाएं और उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), के समर्थकों के विरोध प्रदर्शन देश में राजनीतिक भूचाल की आशंका को बढ़ा रहे हैं। मई 2023 से जेल में बंद खान के खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, राजद्रोह और आतंकवाद जैसे आरोप शामिल हैं, जिन्हें PTI राजनीति से प्रेरित मानती है। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 में उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया था, लेकिन अगस्त 2023 में दोबारा गिरफ्तारी और तीन साल की सजा (जो बाद में निलंबित हुई) ने स्थिति को जटिल किया। नवंबर 2024 में इस्लामाबाद में PTI समर्थकों के हिंसक प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया। सेना और सरकार के बीच तनाव, आर्थिक संकट (36.4% मुद्रास्फीति, $4.3 बिलियन विदेशी मुद्रा भंडार), और आतंकवादी हमलों की बढ़ती घटनाएं स्थिति को और गंभीर बनाती हैं। खान की रिहाई से PTI को मजबूती मिल सकती है, लेकिन यह सत्तारूढ़ गठबंधन और सेना के लिए चुनौती बन सकता है, जिससे हिंसा और अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

इमरान खान की गिरफ्तारी और मौजूदा स्थिति
इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता, की गिरफ्तारी और मौजूदा स्थिति ने देश में राजनीतिक उथल-पुथल को बढ़ावा दिया है। उनकी पहली प्रमुख गिरफ्तारी 9 मई 2023 को इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर में अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में हुई थी। इस मामले में उन पर 190 मिलियन पाउंड के दुरुपयोग का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट ने इस गिरफ्तारी को अवैध ठहराकर 12 मई 2023 को उनकी रिहाई का आदेश दिया। हालांकि, अगस्त 2023 में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया और तोशाखाना मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई, जिसे बाद में निलंबित कर दिया गया। खान के खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, राजद्रोह, आतंकवाद, और यहाँ तक कि ईशनिंदा जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। PTI और उनके समर्थक इन मामलों को सत्तारूढ़ गठबंधन और सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा प्रायोजित मानते हैं, जिसका उद्देश्य खान को राजनीतिक रूप से अक्षम करना है। वर्तमान में, खान रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। नवंबर 2024 में इस्लामाबाद में PTI समर्थकों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने उनकी रिहाई की मांग को और तेज किया, जिसमें सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार ने आंसू गैस और रबर की गोलियों का उपयोग किया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका और यूरोपीय संघ, ने खान के खिलाफ सैन्य अदालतों में मुकदमों और पाकिस्तान की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर चिंता जताई है। खान की गिरफ्तारी और निरंतर हिरासत ने पाकिस्तान में आर्थिक संकट (36.4% मुद्रास्फीति, $4.3 बिलियन विदेशी मुद्रा भंडार) और बढ़ते आतंकवादी हमलों के बीच राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। उनकी रिहाई की संभावना अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन यह देश के राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल कर सकती है।

इमरान खान की रिहाई की संभावना
- कानूनी प्रगति: कुछ मामलों में खान को राहत मिली है, जैसे मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी गिरफ्तारी को अवैध ठहराना। हालांकि, सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान ने संकेत दिए हैं कि उनकी रिहाई आसान नहीं होगी, और नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
- सार्वजनिक दबाव: PTI समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर खान की रिहाई की मांग तेज कर दी है। नवंबर 2024 में इस्लामाबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया, हालांकि इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कार्रवाई की गई।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिका, यूरोपीय संघ, और यूनाइटेड किंगडम ने खान के खिलाफ सैन्य अदालतों में मुकदमों और पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर चिंता जताई है। अमेरिकी दूत रिचर्ड ग्रेनेल ने उनकी रिहाई की मांग की, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
- X पर भावनाएँ: X पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया है कि खान की रिहाई से पाकिस्तान में स्वतंत्रता और संप्रभुता को बढ़ावा मिल सकता है। दूसरी ओर, कुछ का कहना है कि 190 मिलियन पाउंड मामले जैसे गंभीर आरोपों के कारण उनकी रिहाई मुश्किल है। ये पोस्ट्स असत्यापित हैं और केवल जनता की भावनाओं को दर्शाते हैं।

राजनीतिक भूचाल की आशंका
पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई की मांग और उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), की सक्रियता ने देश में राजनीतिक भूचाल की आशंका को बढ़ा दिया है। खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं, के खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, राजद्रोह और आतंकवाद जैसे आरोप शामिल हैं। PTI इन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन और सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा प्रायोजित मानती है। नवंबर 2024 में इस्लामाबाद में PTI समर्थकों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया, जिसमें झड़पों के दौरान आंसू गैस और रबर की गोलियों का उपयोग हुआ। सेना और सरकार के बीच तनाव, खासकर 2024 के चुनावों में PTI के मजबूत प्रदर्शन के बाद, चरम पर है। देश में 36.4% की मुद्रास्फीति और $4.3 बिलियन के सीमित विदेशी मुद्रा भंडार के साथ आर्थिक संकट, और खैबर पख्तूनख्वा व बलूचिस्तान में बढ़ते आतंकवादी हमले स्थिति को और जटिल करते हैं। खान की रिहाई से PTI को बल मिल सकता है, लेकिन यह हिंसा और अस्थिरता को बढ़ा सकता है, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन और सेना के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी। यह स्थिति पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य को और अस्थिर कर सकती है।
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