Axiom-4 Mission:शुभांशु शुक्ला धरती पर लौटते ही मां-बाप से पहली बातचीत “मैं ठीक हूं, जल्द मिलते हैं,Axiom-4 मिशन: एक ऐतिहासिक उपलब्धि,परिवार का भावुक पल,मिशन से जुड़ी खास बातें,भारत का बढ़ता कदम अंतरिक्ष की ओर
Axiom-4 मिशन से अंतरिक्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला सकुशल धरती पर लौट आए हैं। वापसी के कुछ ही क्षणों बाद उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता से बात की और भावुक अंदाज में कहा – “मैं ठीक हूं, जल्द मिलते हैं।”
इस खास पल की जानकारी सामने आते ही देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। शुभांशु ने जैसे ही धरती पर कदम रखा, उन्होंने मिशन कंट्रोल टीम से एक निजी कॉल की अनुमति मांगी और सीधा फोन लगाया अपने मां-पिता को। उनका पहला वाक्य था – “सब ठीक है मां, मैं वापस आ गया हूं।”

Axiom-4 मिशन: एक ऐतिहासिक उपलब्धि
Axiom Space द्वारा संचालित इस मिशन में शुभांशु शुक्ला उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की। भारत के लिए यह गर्व का क्षण था जब शुभांशु ने वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरिक्ष में रिसर्च कार्य किया।
परिवार का भावुक पल
शुभांशु की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हर दिन उनके लौटने की दुआ की थी। जब उनका फोन आया और उन्होंने कहा ‘मैं ठीक हूं’, तो हमारी आंखों में आंसू आ गए।”उनके पिता ने भी कहा कि यह पल उनके जीवन का सबसे सुकून भरा क्षण था। पूरा परिवार, रिश्तेदार और देशवासी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
मिशन से जुड़ी खास बातें:
Axiom-4 मिशन के तहत 10 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा हुई।
अंतरिक्ष स्टेशन पर साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स और टेक्नोलॉजी ट्रायल्स किए गए।
यह मिशन स्पेस एक्सप्लोरेशन और प्राइवेट स्पेस मिशनों के लिए मील का पत्थर है।

भारत का बढ़ता कदम अंतरिक्ष की ओर
शुभांशु शुक्ला की यह सफलता ना सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारतीय युवा किसी भी वैश्विक मंच पर अपना परचम लहरा सकते हैं।