Farhan Akhtar की फिल्म ‘120 बहादुर’ का टीज़र लॉन्च, रोंगटे खड़े कर देने वाली वीरगाथा सामने आई,मेजर शैतान सिंह: जिनकी अगुवाई में दुश्मन थर्रा उठा,3000 के सामने 120: साहस की पराकाष्ठा,सिनेमैटोग्राफी और स्कोर: युद्ध का असली एहसास,क्यों देखें ‘120 बहादुर’?
फरहान अख्तर की आगामी फिल्म ‘120 बहादुर’ का दमदार टीज़र सामने आ चुका है और यह सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इस फिल्म में दिखाया गया है वह ऐतिहासिक युद्ध — Battle of Rezang La (रेजांग ला की लड़ाई) — जिसमें सिर्फ 120 भारतीय सैनिकों ने 3000 से अधिक चीनी सैनिकों से लोहा लिया था।
मेजर शैतान सिंह: जिनकी अगुवाई में दुश्मन थर्रा उठा
फिल्म की कहानी आधारित है PVC विजेता मेजर शैतान सिंह पर, जिन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में 18 नवंबर को कुमाऊँ रेजिमेंट की चार्ली कंपनी का नेतृत्व किया था। इस भीषण युद्ध में उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया — अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की सीमाओं की रक्षा की।
3000 के सामने 120: साहस की पराकाष्ठा
फिल्म का टीज़र शुरू होते ही, बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर तैनात भारतीय सैनिकों की झलक मिलती है। हर सीन में देशभक्ति, बलिदान और गौरव का ज्वार उमड़ता है। संवाद कम हैं लेकिन भावनाएं गहरी — “हमारे लिए ये युद्ध नहीं, कसम है” जैसे डायलॉग सीधे दिल में उतरते हैं।

सिनेमैटोग्राफी और स्कोर: युद्ध का असली एहसास
टीज़र में सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के रियलिज़्म को मजबूत बनाते हैं। बंदूकें गरजती हैं, बर्फ गिरती है, और सैनिक शांति से मौत की ओर बढ़ते हैं — ये दृश्य देखने वालों की आंखें नम कर देते हैं।
क्यों देखें ‘120 बहादुर’?
- मेजर शैतान सिंह की असली वीरता पर आधारित
- 1962 की ऐतिहासिक लड़ाई का रीयलिस्टिक चित्रण
- Farhan Akhtar का प्रोडक्शन — रिसर्च व फेक्ट्स पर आधारित
- देशभक्ति से लबरेज हर फ्रेम
रिलीज डेट और कास्ट
फिल्म की रिलीज डेट अभी ऑफिशियली अनाउंस नहीं हुई है, लेकिन यह जल्द ही 2025 के अंत तक रिलीज़ की उम्मीद है। कास्ट में कुछ जाने-माने चेहरों के साथ नए एक्टर्स को भी मौका दिया गया है।

सोशल मीडिया पर रिएक्शन: टीज़र के सामने आते ही सोशल मीडिया पर #120Bahadur ट्रेंड करने लगा। यूजर्स ने इसे ‘देशभक्ति की नई परिभाषा’, ‘जवानों को समर्पित सच्ची श्रद्धांजलि’ जैसे कमेंट्स से नवाज़ा।
‘120 बहादुर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि वीरता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम का महाकाव्य है। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि असली हीरो वे होते हैं, जो बिना किसी शोर-शराबे के, अपनी जान की बाजी लगाकर देश को सुरक्षित रखते हैं।