गौतम अडानी का बड़ा प्लान: पेट्रोल-डीजल मार्केट में होगी धमाकेदार एंट्री,सरकार बदल रही पुराने लाइसेंस नियम,अडानी ग्रुप का पेट्रोल-डीजल प्लान,मार्केट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा,क्यों है यह कदम बड़ा?,आगे क्या?
नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शुमार गौतम अडानी अब पेट्रोल-डीजल के बिज़नेस में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल बेचने के लाइसेंस नियमों में बड़े बदलाव की योजना बना रही है, जिससे अडानी ग्रुप को इस सेक्टर में एंट्री आसान हो जाएगी।
सरकार बदल रही पुराने लाइसेंस नियम
अभी भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने के लिए कड़ी शर्तें और भारी निवेश की बाध्यता है। मौजूदा नियमों के तहत कंपनियों को न्यूनतम ₹2,000 करोड़ का निवेश और तेल भंडारण जैसी सुविधाएं जरूरी होती हैं। लेकिन अब सरकार इन शर्तों को लचीला करने की सोच रही है, ताकि नए खिलाड़ी भी बाजार में उतर सकें और उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलें।

अडानी ग्रुप का पेट्रोल-डीजल प्लान
अडानी ग्रुप पहले से ही एलएनजी (Liquefied Natural Gas), सीएनजी स्टेशनों और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश कर चुका है। अब कंपनी पेट्रोल-डीजल रिटेल नेटवर्क शुरू करके रिलायंस, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी चुनौती दे सकती है।
मार्केट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
अगर अडानी ग्रुप को मंजूरी मिलती है तो देशभर में नए पेट्रोल पंप खुल सकते हैं, जिससे मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं व संभावित तौर पर कम कीमतें मिल सकती हैं। एनर्जी सेक्टर के जानकारों का मानना है कि अडानी की एंट्री बाजार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
क्यों है यह कदम बड़ा?
भारत में पेट्रोल-डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है
अडानी ग्रुप का एनर्जी सेक्टर में पहले से मजबूत नेटवर्क
सरकारी बदलाव से नए खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुलेंगे
EVs आने के बावजूद अगले 15 साल तक पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी की संभावना कम

आगे क्या?
सरकार आने वाले महीनों में नए नियमों का ड्राफ्ट जारी कर सकती है। अगर यह पास हो गया तो 2025 के अंत तक देशभर में अडानी ब्रांडेड पेट्रोल पंप देखने को मिल सकते हैं।