IIM कलकत्ता रेप केस: कोलकाता पुलिस ने 9 सदस्यीय SIT का गठन किया, जानें पूरा मामला और जांच की स्थिति
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कलकत्ता के जोका कैंपस में एक महिला के साथ कथित बलात्कार की घटना ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो इस गंभीर मामले की गहराई से जांच करेगा। पीड़िता और उनके पिता के परस्पर विरोधी बयानों ने इस केस को और जटिल बना दिया है।
IIM कलकत्ता रेप केस: क्या हुआ?
11 जुलाई 2025 को, कोलकाता के जोका में IIM कलकत्ता के बॉयज हॉस्टल में एक महिला के साथ कथित बलात्कार की घटना हुई। पीड़िता, जो एक क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट है, ने हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। उसने आरोप लगाया कि IIM के द्वितीय वर्ष के छात्र, परमानंद महावीर तोप्पनावर उर्फ परमानंद जैन (26) ने उसे काउंसलिंग सत्र के बहाने हॉस्टल बुलाया। पीड़िता के अनुसार, उसे पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक ऑफर किया गया, जिसमें संभवतः नशीला पदार्थ मिला था, जिसके बाद वह बेहोश हो गई और उसका यौन शोषण किया गया।
12 जुलाई 2025 को, कोलकाता पुलिस ने परमानंद को गिरफ्तार कर लिया और उसे अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पिता का परस्पर विरोधी बयान
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता ने दावा किया कि कोई बलात्कार नहीं हुआ। उनके अनुसार, उनकी बेटी ने 11 जुलाई को रात 9:40 बजे फोन कर बताया कि वह एक वाहन से गिर गई थी, जिसके कारण वह बेहोश हो गई और उसे चोटें आईं। बाद में उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को SSKM अस्पताल में भर्ती किया गया था। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बेटी से जबरदस्ती शिकायत लिखवाई। इस परस्पर विरोधी बयान ने जांच को और जटिल बना दिया है।

9 सदस्यीय SIT का गठन
कोलकाता पुलिस ने इस मामले की गहन जांच के लिए 13 जुलाई 2025 को डिप्टी कमिश्नर (साउथ वेस्ट डिवीजन) राहुल डे के नेतृत्व में 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT का पहला कार्य पीड़िता और उनके पिता के परस्पर विरोधी बयानों के बीच स्पष्टता लाना है। इसके अलावा, SIT निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान देगी:
- फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य: पुलिस ने घटनास्थल से खाने के अवशेष, पिज्जा डिलीवरी बिल, और आरोपी के कपड़े और मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया है।
- सीसीटीवी फुटेज: IIM कैंपस के सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
- सुरक्षा उल्लंघन: पीड़िता बिना विजिटर्स रजिस्टर में नाम दर्ज किए बॉयज हॉस्टल में कैसे पहुंची, इसकी जांच।
- अपराध स्थल का पुनर्निर्माण: पुलिस जल्द ही हॉस्टल में अपराध स्थल का पुनर्निर्माण करेगी।
- सोशल मीडिया जांच: चूंकि पीड़िता और आरोपी की मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी, आरोपी के सोशल मीडिया खातों की जांच की जाएगी।
हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन ने IIM प्रशासन को पत्र लिखकर कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी मांगी है।
IIM प्रशासन की प्रतिक्रिया
IIM कलकत्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि यह जांच के दायरे में है। हालांकि, संस्थान ने नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं, जिसमें:
- अगले कुछ दिनों तक सभी डिलीवरी गेट पर ही ली जाएंगी।
- कैंपस में प्रवेश और निकास के लिए केवल SBI गेट का उपयोग होगा।
- छात्रों को बाहरी लोगों से संवाद न करने की सलाह दी गई है।
IIM के निदेशक प्रभारी, सैबल चट्टोपाध्याय, 14 जुलाई 2025 को छात्रों को संबोधित करेंगे और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, सुरक्षा अधिकारियों, और छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
पश्चिम बंगाल महिला आयोग की भूमिका
पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और पुलिस से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग की अध्यक्ष लीना गंगोपाध्याय ने कहा कि वे पीड़िता और उनके परिवार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सामाजिक दबाव या अन्य कारकों का पता लगाया जा सके।

निष्कर्ष
IIM कलकत्ता रेप केस ने कैंपस सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है। कोलकाता पुलिस की 9 सदस्यीय SIT इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, और पीड़िता व उनके पिता के परस्पर विरोधी बयानों ने इस केस को और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस द्वारा फोरेंसिक और सीसीटीवी साक्ष्यों की जांच और अपराध स्थल के पुनर्निर्माण से जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। इस बीच, IIM प्रशासन और महिला आयोग भी इस मामले में सक्रिय हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच के लिए जागरूक रहें!