म्यूचुअल फंड निवेशकों को झटका: 74% इक्विटी स्कीम्स में लंपसम निवेशकों को एक साल में हुआ घाटा
पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश को निवेशकों के बीच एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प माना जाता रहा है। लेकिन हाल ही की रिपोर्ट्स ने यह साफ कर दिया है कि हर समय म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश लाभकारी नहीं होता। आंकड़ों के अनुसार, करीब 74% इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने पिछले एक साल में लंपसम निवेश करने वाले निवेशकों को नुकसान पहुंचाया है। यानी यदि किसी निवेशक ने पिछले 12 महीनों में एकमुश्त राशि लगाई थी, तो उनकी उम्मीदों के अनुसार रिटर्न न मिलकर घाटा सामने आया।
क्यों हो रहा है इक्विटी स्कीम्स में घाटा?
- शेयर बाज़ार की अस्थिरता – पिछले साल घरेलू और वैश्विक बाज़ारों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने भारतीय बाज़ार पर सीधा असर डाला।
- सेक्टोरल दबाव – आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर्स जैसी प्रमुख इंडस्ट्रीज़ ने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। इन सेक्टर्स के कमजोर नतीजों ने इक्विटी फंड्स के रिटर्न को प्रभावित किया।
- वैश्विक कारक – कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों ने भी बाज़ार को दबाव में रखा।
SIP निवेशकों की स्थिति बेहतर
जहाँ लंपसम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं SIP (Systematic Investment Plan) से निवेश करने वालों के लिए स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। SIP में निवेशक हर महीने छोटी-छोटी किश्तों में निवेश करते हैं, जिससे वे बाज़ार की गिरावट और उछाल दोनों का संतुलित लाभ उठा पाते हैं। यही वजह है कि SIP लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संतुलित विकल्प माना जाता है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए ज़रूरी सुझाव
- लॉन्ग-टर्म विज़न रखें – इक्विटी म्यूचुअल फंड्स शॉर्ट-टर्म में घाटा दिखा सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न देने की संभावना ज़्यादा होती है।
- डाइवर्सिफिकेशन अपनाएँ – निवेश केवल एक सेक्टर या स्कीम पर आधारित न रखें। अलग-अलग कैटेगरी जैसे लार्ज-कैप, मिड-कैप और मल्टी-कैप में निवेश करें।
- SIP को प्राथमिकता दें – यदि आपके पास निवेश करने के लिए बड़ी राशि है, तो उसे एक साथ लगाने के बजाय धीरे-धीरे SIP या STP (Systematic Transfer Plan) के ज़रिए निवेश करें।
- विशेषज्ञों से सलाह लें – मार्केट ट्रेंड्स और अपनी वित्तीय ज़रूरतों को समझने के लिए वित्तीय सलाहकार से मार्गदर्शन लेना हमेशा फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष
74% इक्विटी स्कीम्स में एक साल की लंपसम निवेश पर नुकसान यह साफ दिखाता है कि निवेश हमेशा जोखिम के साथ आता है। म्यूचुअल फंड भले ही “मार्केट से जुड़े” आकर्षक विकल्प हों, लेकिन निवेशकों को अपनी रणनीति स्मार्ट रखनी होगी। SIP और लंबी अवधि के निवेश को प्राथमिकता देकर ही सही मायनों में म्यूचुअल फंड से स्थिर और बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।