सोने में उछाल के बावजूद लोग क्यों नहीं बेच रहे हैं अपनी पुरानी ज्वेलरी? जानिए पूरी वजह

सोने में उछाल के बावजूद लोग क्यों नहीं बेच रहे हैं अपनी पुरानी ज्वेलरी? जानिए पूरी वजह

भारत में सोना हमेशा से ही निवेश और परंपरा का प्रतीक रहा है। जब भी सोने की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो आमतौर पर माना जाता है कि लोग अपनी पुरानी ज्वेलरी बेचकर मुनाफा कमाने की कोशिश करेंगे। लेकिन हाल ही में देखने को मिल रहा है कि सोने की कीमतों में लगातार उछाल के बावजूद लोग अपनी पुरानी ज्वेलरी बेचने से बच रहे हैं। आखिर इसके पीछे क्या कारण हैं? आइए जानते हैं।

सोना: सिर्फ निवेश नहीं, एक भावनात्मक जुड़ाव

भारतीय परिवारों के लिए सोना सिर्फ पैसा नहीं बल्कि परंपरा, सुरक्षा और मान-सम्मान का प्रतीक है। शादी-ब्याह, त्योहारों और विशेष मौकों पर दी गई ज्वेलरी भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। यही वजह है कि लोग इसे बेचने से पहले दस बार सोचते हैं। मुनाफा कमाने से ज्यादा उनके लिए यह धरोहर और सुरक्षा की गारंटी होती है।

सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें आने वाले समय में और भी बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में डॉलर, महंगाई और आर्थिक अस्थिरता का सीधा असर सोने पर पड़ता है। यही कारण है कि लोग अभी बेचने के बजाय इंतज़ार करना बेहतर मान रहे हैं ताकि भविष्य में और अच्छा फायदा उठाया जा सके।

सोना निवेश का सबसे सुरक्षित साधन

शेयर मार्केट या क्रिप्टोकरेंसी जैसे विकल्पों में उतार-चढ़ाव और रिस्क ज्यादा होता है, लेकिन सोना सदियों से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। संकट के समय लोग सबसे पहले सोने की ओर ही रुख करते हैं। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में भी लोग अपनी पुरानी ज्वेलरी को बेचने के बजाय बचाकर रखना ही समझदारी मान रहे हैं।

त्योहारी और शादी का सीज़न

भारत में आने वाले महीनों में त्योहारों और शादियों का सीज़न शुरू होने वाला है। इस समय सोने की मांग अपने चरम पर होती है। लोग मानते हैं कि अगर वे अभी ज्वेलरी बेचते हैं तो बाद में उन्हें ज़्यादा दाम चुकाकर फिर से खरीदनी पड़ेगी। इसलिए वे पुरानी ज्वेलरी को बेचने के बजाय उसे उपयोग में लाने या निवेश के तौर पर रखने का विकल्प चुनते हैं।

सोने में उछाल के बावजूद लोग क्यों नहीं बेच रहे हैं अपनी पुरानी ज्वेलरी? जानिए पूरी वजह
सोने में उछाल के बावजूद लोग क्यों नहीं बेच रहे हैं अपनी पुरानी ज्वेलरी? जानिए पूरी वजह

बाजार में ट्रेड-इन का ट्रेंड

आजकल लोग पुरानी ज्वेलरी बेचने के बजाय उसे एक्सचेंज करने का विकल्प चुन रहे हैं। कई बड़े ज्वेलर्स स्कीम्स लेकर आते हैं जिसमें ग्राहक अपनी पुरानी ज्वेलरी देकर नई डिजाइन की ज्वेलरी खरीद सकते हैं। यह विकल्प लोगों को ज्यादा आकर्षित कर रहा है, क्योंकि इससे वे परंपरा भी बनाए रखते हैं और नया डिज़ाइन भी हासिल कर लेते हैं।

विशेषज्ञों की राय सोने को लेकर

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में सोने को संभालकर रखना ही बेहतर है। जो लोग लंबे समय से निवेश की सोच रहे हैं, उनके लिए यह सही समय हो सकता है। वहीं परिवारों के लिए सोना बेचना अंतिम विकल्प ही माना जा रहा है।

निष्कर्ष

सोने की कीमतों में उछाल आने के बावजूद भारतीय परिवार अपनी पुरानी ज्वेलरी बेचने से बच रहे हैं। इसके पीछे भावनात्मक जुड़ाव, भविष्य में और बढ़ोतरी की उम्मीद, सुरक्षित निवेश का भरोसा और त्योहारों-शादियों का सीज़न सबसे बड़े कारण हैं। यही वजह है कि सोना आज भी हर घर की पहली पसंद बना हुआ है।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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