गुजरात में 12 घंटे तक काम करेंगी महिलाएं, नाइट शिफ्ट में भी मिलेगी इजाजत – फैक्ट्री एक्ट में हुआ बड़ा बदलाव,क्या है नया बदलाव,क्यों किया गया यह बदलाव,महिलाओं की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता,विपक्ष और सामाजिक संगठनों की राय,
गांधीनगर: गुजरात सरकार ने फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़े कानून में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब राज्य में महिलाएं भी 12 घंटे तक की शिफ्ट में काम कर सकेंगी, और उन्हें नाइट शिफ्ट (रात की पाली) में काम करने की अनुमति भी मिल गई है। इसके लिए फैक्ट्री एक्ट (Factory Act) में जरूरी संशोधन किए गए हैं।
क्या है नया बदलाव
महिलाएं अब रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक भी फैक्ट्रियों में काम कर सकेंगी।
उन्हें 12 घंटे तक की शिफ्ट में काम करने की इजाजत दी गई है, लेकिन विश्राम और सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी होगा।
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम कराने वाली फैक्ट्रियों को सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और सुविधाओं का विशेष ख्याल रखना होगा।

क्यों किया गया यह बदलाव?
राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव महिलाओं को समान अवसर देने और उद्योगों को अधिक लचीलेपन देने के उद्देश्य से किया गया है। कई मल्टीनेशनल कंपनियां और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लंबे समय से इसकी मांग कर रही थीं।
महिलाओं की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
- सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी और वेल-लाइटेड परिसर सुनिश्चित करेंगी।
- घर तक सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था जरूरी होगी।
- किसी भी तरह की हेरासमेंट या शोषण की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों की राय
जहां एक ओर उद्योग जगत ने इस कदम का स्वागत किया है, वहीं कुछ सामाजिक संगठन और विपक्षी दलों ने चिंता जताई है कि इस फैसले से महिलाओं की कार्य परिस्थितियों पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि कानून में सुरक्षा प्रावधान तो हैं, लेकिन उनका पालन जमीन पर कैसे होगा, ये देखना जरूरी होगा।

गुजरात सरकार का यह फैसला राज्य की महिला श्रमिक शक्ति को और अधिक सशक्त बना सकता है। यदि यह कदम सही ढंग से लागू होता है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। फैक्ट्री एक्ट में हुआ यह बड़ा बदलाव निश्चित रूप से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत क़दम है।