दिल्ली से 7 महीने में 8000 लोग लापता! चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने,हर दिन औसतन 38 लोग गायब,महिला और बच्चों की गुमशुदगी ज्यादा,पुलिस पर बढ़ रहा दबाव,दिल्ली सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से सवाल
दिल्ली: देश की राजधानी और सबसे व्यस्त शहरों में से एक, अब एक डरावने आंकड़े को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 के पहले 7 महीनों में लगभग 8000 लोग लापता हो गए हैं। यह आंकड़ा न केवल चौकाने वाला है, बल्कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
हर दिन औसतन 38 लोग गायब
रिपोर्ट के मुताबिक, औसतन हर दिन 35 से 40 लोग दिल्ली से गायब हो रहे हैं। इनमें बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग और युवा सभी शामिल हैं। कुछ मामलों में मानसिक रोग, पारिवारिक विवाद और आर्थिक तनाव जैसी वजहें सामने आईं, जबकि कई मामलों में कोई सुराग तक नहीं मिल पाया है।

महिला और बच्चों की गुमशुदगी ज्यादा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लापता लोगों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। यह एक गंभीर सामाजिक और सुरक्षा चिंता है, जो बताता है कि राजधानी में महिलाएं और बच्चे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
पुलिस पर बढ़ रहा दबाव
दिल्ली पुलिस पर इस बढ़ती गुमशुदगी के मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वे हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई कर रही है और कई मामलों में लापता लोगों को खोज निकाला गया है, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।

दिल्ली सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से सवाल
क्या दिल्ली में लोग सुरक्षित हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में उठ रहा है। सरकार और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा हो सकता है।
दिल्ली से 7 महीने में 8000 लोगों का लापता होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सुरक्षा चेतावनी है। सरकार, पुलिस और आम लोगों को मिलकर इस पर काम करना होगा ताकि दिल्ली वाकई में “सुरक्षित शहर” बन सके।