पुतिन की कथित बेटी का चौंकाने वाला खुलासा: ‘उसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी’
पेरिस, 6 अगस्त 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कथित बेटी, एलिजावेता क्रिवोनोगिख, जिन्हें लुइजा रोजोवा के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने पिता के खिलाफ एक सनसनीखेज बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है। 22 साल की एलिजावेता, जो अब पेरिस में रह रही हैं, ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “उसने मेरी जिंदगी तबाह कर दी और लाखों लोगों की जिंदगी छीन ली।” भले ही उन्होंने पुतिन का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन यह बयान उनके कथित पिता पर एक तीखा हमला माना जा रहा है। इस खुलासे ने रूस की सियासत और पुतिन के निजी जीवन के रहस्यों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
एलिजावेता क्रिवोनोगिख कौन हैं?
एलिजावेता का जन्म 3 मार्च 2003 को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। 2020 में रूसी जांच पत्रिका प्रोजेक्ट ने एक बमशेल खुलासा किया कि वह व्लादिमीर पुतिन और उनकी पूर्व हाउसकीपर स्वेतलाना क्रिवोनोगिख की बेटी हो सकती हैं। उनके जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम दर्ज नहीं है, लेकिन उनका मध्य नाम “व्लादिमीरोव्ना” (व्लादिमीर की बेटी) पुतिन से उनके कथित रिश्ते की ओर इशारा करता है। प्रोजेक्ट ने उनकी शक्ल में पुतिन से “आश्चर्यजनक समानता” का भी जिक्र किया था।
एलिजावेता की मां स्वेतलाना क्रिवोनोगिख, जो कभी एक साधारण हाउसकीपर थीं, अब एक बहु-करोड़पति हैं। उनकी संपत्ति में बैंक रूसिया की बड़ी हिस्सेदारी शामिल है, जिसे अमेरिका ने “पुतिन का निजी खजाना” करार दिया है। 2023 में यूके ने स्वेतलाना पर पुतिन के करीबी रिश्तों के चलते प्रतिबंध लगाए थे। इन खुलासों ने एलिजावेता के पुतिन से संबंधों की अटकलों को और हवा दी।

पेरिस में नई शुरुआत
2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद एलिजावेता ने अपनी सोशल मीडिया उपस्थिति को पूरी तरह हटा लिया था। उस समय उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर निजी जेट, डिजाइनर कपड़े, और शानदार पार्टियों की तस्वीरें थीं, जो उनकी लग्जरी जीवनशैली की गवाही देती थीं। लेकिन अब, पेरिस में रहते हुए, उन्होंने एक नया रास्ता चुना है।
जून 2024 में उन्होंने पेरिस के प्रतिष्ठित ICART स्कूल ऑफ कल्चरल एंड आर्ट मैनेजमेंट से स्नातक की उपाधि हासिल की। अब वह दो कला दीर्घाओं, L गैलरी (बेलेविल) और इस्पेस अलबाट्रोस (मॉन्ट्रियल) में काम करती हैं, जो युद्ध-विरोधी प्रदर्शनियों के लिए जानी जाती हैं। अपने टेलीग्राम चैनल “आर्ट ऑफ लुइजा” पर उन्होंने लिखा, “दुनिया के सामने फिर से खुलना आजादी जैसा है। यह मुझे याद दिलाता है कि मैं कौन हूं और किसने मेरी जिंदगी बर्बाद की।” यह बयान उनकी नई पहचान और उनके अतीत से विद्रोह को दर्शाता है।

युद्ध-विरोधी रुख और विवाद
एलिजावेता ने अपने पोस्ट में यूक्रेन युद्ध के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की और अपनी पुरानी विलासिता भरी जिंदगी से दूरी बना ली। उन्होंने लिखा, “क्या मैं वाकई अपने परिवार की हरकतों की जिम्मेदार हूं, जो मेरी बात तक नहीं सुनते?” लेकिन पेरिस के युद्ध-विरोधी कला समुदाय में उनकी मौजूदगी ने कुछ विवाद भी खड़े किए। रूसी कलाकार नास्त्या रोडियोनोवा, जो 2022 में रूस से भाग गई थीं, ने एलिजावेता की गैलरी से नाता तोड़ लिया। नास्त्या का कहना था, “पुतिन के परिवार से जुड़े किसी शख्स का युद्ध-विरोधी जगह में होना मेरे लिए स्वीकार्य नहीं है।” इस विवाद ने एलिजावेता की नई जिंदगी को और जटिल बना दिया।
क्रेमलिन का इनकार
क्रेमलिन ने हमेशा की तरह एलिजावेता को पुतिन की बेटी मानने से इनकार किया है। 2020 में पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इन दावों को “बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदार” करार दिया था। इसके बावजूद, एलिजावेता के नए उपनाम “रुडनोवा” को पुतिन के दिवंगत सहयोगी ओलेग रुडनोव से जोड़ा गया, जिसने इन अटकलों को और बल दिया।
पुतिन के निजी जीवन का रहस्य
पुतिन का निजी जीवन हमेशा से रहस्यों में घिरा रहा है। आधिकारिक तौर पर, उनकी दो बेटियां हैं, मारिया और कतेरीना, जिनके बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक है। एलिजावेता के दावों ने पुतिन के निजी जीवन और उनकी छवि पर नए सवाल खड़े किए हैं। उनकी कहानी न केवल एक बेटी के विद्रोह की कहानी है, बल्कि रूस की सियासत और यूक्रेन युद्ध के व्यापक प्रभावों को भी उजागर करती है।

निष्कर्ष
एलिजावेता क्रिवोनोगिख की कहानी एक ऐसी युवती की है, जो अपने अतीत के साये से निकलकर नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। पेरिस में उनकी युद्ध-विरोधी कला के प्रति प्रतिबद्धता और उनके साहसी बयान ने उन्हें वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है। यह कहानी रूस-यूक्रेन युद्ध, पुतिन की छवि, और उनके निजी जीवन के रहस्यों पर एक नया दृष्टिकोण देती है। आने वाले समय में एलिजावेता के और खुलासे क्या रंग लाएंगे, यह देखना बाकी है।