बंगाल गैंगरेप मामला: रातभर लॉकअप में बंद रहे BJP नेता सुकांत मजूमदार गिरफ्तारी ने खोली प्रशासन की पोल,क्या है पूरा मामला,सुकांत मजूमदार की गिरफ्तारी क्यों हुई,BJP और जनता का गुस्सा, गिरफ्तारी से उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर गैंगरेप कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसी बीच BJP के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर रातभर लॉकअप में रखा। यह गिरफ्तारी न सिर्फ एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है, बल्कि इसने प्रशासन की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
पश्चिम बंगाल के एक जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो FIR दर्ज करने में आनाकानी की और बाद में मामले को दबाने की कोशिश की गई।
जब यह मामला मीडिया और राजनीतिक पार्टियों की नजर में आया, तो BJP ने सड़कों पर उतर कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

सुकांत मजूमदार की गिरफ्तारी क्यों हुई?
BJP प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने पीड़िता के गांव का दौरा करने और प्रशासन से जवाब मांगने की कोशिश की। लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और फिर उन्हें गिरफ्तार कर थाने में लॉकअप में बंद कर दिया। यह पूरी कार्रवाई देर रात तक चली, और मजूमदार को रातभर हिरासत में रखा गया।
इस गिरफ्तारी को लेकर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि राज्य सरकार गैंगरेप के दोषियों को बचाने और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
गिरफ्तारी से उठे सवाल
सुकांत मजूमदार की गिरफ्तारी ने बंगाल की प्रशासनिक निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा किया है:
- क्या विपक्षी नेताओं को आवाज उठाने की सजा मिल रही है?
- पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह क्या पुलिस विरोध करने वालों को ही सज़ा दे रही है?
- क्या बंगाल में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है?

BJP और जनता का गुस्सा
घटना के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की। सोशल मीडिया पर #JusticeForVictim और #FreeSukanta ट्रेंड करने लगा।विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
बंगाल गैंगरेप मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, यह राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति का आइना है। जब पीड़ित को न्याय की आस होती है, तब राजनीतिक नेताओं को आवाज उठाने पर गिरफ्तार कर लिया जाता है। सुकांत मजूमदार की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया कि बंगाल की सियासत अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है।

→अब देखना यह है कि क्या प्रशासन पीड़िता को न्याय दिला पाएगा या फिर राजनीतिक दबाव में सब कुछ दबा दिया जाएगा?