राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार

राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार

नई दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। लोकसभा में ‘भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और विकसित भारत 2047 में इसकी भूमिका’ विषय पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित कर दी। यह चर्चा भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की नासा के एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा पर केंद्रित थी। विपक्ष के इस रवैये को राजनाथ सिंह ने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘निराशाजनक’ करार दिया।

क्या हुआ लोकसभा में?

लोकसभा में यह विशेष सत्र राष्ट्रीय गौरव और वैज्ञानिक उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि का जश्न मनाएं। अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी विपक्ष से वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों को प्रोत्साहित करने की गुजारिश की। लेकिन विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए, पोस्टर लहराए और सदन में हंगामा किया, जिससे कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

बीजेपी सांसद दिलीप सैकिया, जो उस समय अध्यक्ष की भूमिका में थे, ने विपक्ष की आलोचना की और कहा कि राष्ट्रीय गौरव के मुद्दे पर चर्चा से बचना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष के इस कदम से सदन में अंतरिक्ष कार्यक्रम पर कोई सार्थक बहस नहीं हो सकी, जो भारत के भविष्य की वैज्ञानिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी थी।

राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, “आज लोकसभा में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और इसरो मिशन पायलट की आईएसएस यात्रा पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष ने जिस तरह हंगामा किया और सदन नहीं चलने दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने आगे कहा, “यह चर्चा राष्ट्रीय उपलब्धि, देश के गौरव और भविष्य की वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी थी। विपक्ष का यह व्यवहार बेहद निराशाजनक था।”

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में पहुंची अभूतपूर्व ऊंचाइयों का जिक्र किया और सुझाव दिया कि विपक्ष को चर्चा में भाग लेकर रचनात्मक समीक्षा, आलोचना और सुझाव देने चाहिए थे। उन्होंने जोर दिया कि अंतरिक्ष जैसे विषयों को राजनीतिक दलों से ऊपर रखना चाहिए, क्योंकि ये 21वीं सदी में भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण हैं।

राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार
राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार

शुभांशु शुक्ला कौन हैं और उनकी उपलब्धि क्या है?

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अधिकारी हैं, जिन्होंने नासा के एक्सिओम-4 स्पेस मिशन में हिस्सा लिया। वे राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की। राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा की थी। शुभांशु का मिशन 25 जून को अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ और 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट आया। इस दौरान उन्होंने आईएसएस पर दो सप्ताह से अधिक समय बिताया।

यह मिशन भारत के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे इसरो को गगनयान मिशन के लिए मूल्यवान अनुभव और डेटा मिला। शुभांशु ने प्री-लॉन्च प्रक्रियाओं, स्पेसक्राफ्ट सिस्टम और माइक्रोग्रैविटी के प्रभावों पर महत्वपूर्ण अवलोकन किए। यह भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है, जो वैश्विक अंतरिक्ष कूटनीति को बढ़ावा देता है और युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है।

राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार
राजनाथ सिंह का तीखा हमला: विपक्ष ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धि पर चर्चा से किया किनारा कहा बेहद निराशाजनक व्यवहार

विपक्ष में मतभेद?

हालांकि विपक्ष ने सदन में चर्चा से किनारा किया, लेकिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने लिखा कि यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर है और गगनयान जैसी परियोजनाओं को मजबूती देगा। इससे विपक्ष के अंदर भी मतभेद नजर आते हैं।

निष्कर्ष: राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत

यह घटना दर्शाती है कि राष्ट्रीय उपलब्धियों पर राजनीतिक हंगामे से देश की प्रगति प्रभावित होती है। राजनाथ सिंह की आलोचना विपक्ष को आईना दिखाती है कि अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में एकजुट होकर योगदान देना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका अहम है, और ऐसी चर्चाओं से देश को फायदा पहुंच सकता था। उम्मीद है कि भविष्य में सभी दल राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देंगे।

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  • flasahsamachar

    मैं संजना डोंगरे, हिंदी ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूं। पिछले 5 सालों से टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और न्यूज़ पर 700+ आर्टिकल्स लिखे हैं। मेरा उद्देश्य है पाठकों तक सरल व भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना।

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