हिमाचल में मॉनसून का कहर: अब तक 31 लोगों की मौत, 300 करोड़ का नुकसान, सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले,शिमला, मंडी, चंबा और कुल्लू जिलों में हालात सबसे खराब हैं। सड़कों के टूटने, पुलों के बह जाने और मकानों को नुकसान पहुंचने,क्यों हुआ इतना नुकसान?,क्या कर रही है सरकार,आम जनता से अपील
हिमाचल प्रदेश में इस बार मॉनसून ने तबाही मचाई है। तेज बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं ने राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताज़ा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 300 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले
शिमला, मंडी, चंबा और कुल्लू जिलों में हालात सबसे खराब हैं। सड़कों के टूटने, पुलों के बह जाने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

क्यों हुआ इतना नुकसान?
राज्य में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके कारण भूस्खलन, नदी-नालों में बाढ़, और सड़कों का धंसना जैसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार ने कई जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
क्या कर रही है सरकार?
हिमाचल प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं। NDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

आम जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेवजह यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का यह कहर हमें पर्यावरणीय संतुलन और सतर्कता का महत्व समझाता है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से राहत की उम्मीद की जा रही है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।