वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित हो रही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में शामिल हो रही हैं। इस यात्रा के दौरान वह G20 और G7 के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठकों में हिस्सा लेंगी और विभिन्न देशों तथा संगठनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगी। बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर पहुंचने पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल और थाईलैंड सरकार के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने उनका स्वागत किया।
वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर बहुपक्षीय चर्चा:
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वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई बहुपक्षीय बैठकों में भाग ले रही हैं।
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इन बैठकों में मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालात, वित्तीय क्षेत्र की चुनौतियों, विकास की प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
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इन चर्चाओं के माध्यम से भारत वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण पर अपने विचार साझा करेगा।
द्विपक्षीय बैठकों का सिलसिला:
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वित्त मंत्री थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री एकनीति नितिथानप्रापास के साथ मुलाकात करेंगी।
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इसके अलावा स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ भी उनकी द्विपक्षीय बैठकें तय हैं।
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वह IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के गवर्नर से भी मुलाकात करेंगी।
विशेष कार्यक्रम और चर्चाएं:
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मंत्रीस्तरीय बैठकों के अलावा, निर्मला सीतारमण ‘अटलांटिक काउंसिल’ के साथ एक अनौपचारिक चर्चा (फायर-साइड चैट) में शामिल होंगी।
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इस चर्चा में भारत के विकास के दृष्टिकोण, व्यापार में लचीलेपन, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार, भारत-आसियान संबंधों और ‘विकसित भारत 2047’ के रास्ते जैसे विषयों पर बात की जाएगी।
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जर्मनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वह ‘शहरों को निवेश योग्य बनाने और शहरी व जल बुनियादी ढांचे के लिए निजी पूंजी जुटाने’ के विषय पर भी चर्चा करेंगी।
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इन सभी कार्यक्रमों के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के आर्थिक प्रदर्शन, सुधार एजेंडे और निवेश के अवसरों को उजागर करने तथा वैश्विक आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।