भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग का भविष्य
भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग का भविष्य उज्ज्वल और परिवर्तनकारी है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत, 2023-2031 तक ₹6,003 करोड़ के निवेश से भारत 50-1000 क्यूबिट्स वाले क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने की दिशा में अग्रसर है। QpiAI-Indus जैसे 25 सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स वाले स्वदेशी कंप्यूटर और अमरावती में IBM-TCS के 156-क्यूबिट प्रोजेक्ट ने भारत को वैश्विक दौड़ में आगे बढ़ाया है। यह तकनीक स्वास्थ्य, वित्त, रक्षा, और AI जैसे क्षेत्रों में जटिल समस्याओं को तेजी से हल कर सकती है। T-Hubs, IITs, और स्टार्टअप्स जैसे QpiAI और QNu Labs के सहयोग से अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, हार्डवेयर चुनौतियाँ, त्रुटि सुधार, और कुशल पेशेवरों की कमी बाधाएँ हैं। भारत का लक्ष्य 2026 तक 50 क्यूबिट्स और 2030 तक क्वांटम-सुरक्षित संचार स्थापित करना है, जो इसे तकनीकी नेतृत्व और आर्थिक विकास की ओर ले जाएगा।

1. विकास और लॉन्च
- लॉन्च तिथि: QpiAI-Indus को 14 अप्रैल 2025 को विश्व क्वांटम दिवस (World Quantum Day) पर लॉन्च किया गया, जैसा कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने घोषणा की थी।
- विकासकर्ता: QpiAI, एक बेंगलुरु-आधारित स्टार्टअप, ने इसे राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के समर्थन से विकसित किया। यह स्टार्टअप क्वांटम कंप्यूटिंग, AI, और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में विशेषज्ञता रखता है।
- महत्व: यह भारत का अब तक का सबसे शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर माना जा रहा है, जो भारत को वैश्विक क्वांटम कंप्यूटिंग दौड़ में अमेरिका, चीन, और यूरोप जैसे देशों के समकक्ष लाने में मदद करेगा।
2. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत भूमिका
- NQM का उद्देश्य: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को 19 अप्रैल 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसका लक्ष्य 2023-24 से 2030-31 तक ₹6,003.65 करोड़ के बजट के साथ क्वांटम प्रौद्योगिकी में भारत को अग्रणी बनाना है।
- लक्ष्य:
- 3 वर्षों में 20-50 भौतिक क्यूबिट्स, 5 वर्षों में 50-100 भौतिक क्यूबिट्स, और 8 वर्षों में 50-1000 भौतिक क्यूबिट्स के साथ मध्यवर्ती-स्तरीय क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना।
- 2000 किमी से अधिक दूरी पर उपग्रह-सक्षम क्वांटम-सुरक्षित संचार स्थापित करना।
- QpiAI की भूमिका: QpiAI-Indus इस मिशन का एक हिस्सा है, और यह 128 क्यूबिट्स तक स्केलिंग के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।
- टी-हब्स: NQM के तहत चार थीमैटिक हब (T-Hubs) स्थापित किए गए हैं, जो क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग, और क्वांटम मटेरियल्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली जैसे संस्थान इन हब्स का नेतृत्व कर रहे हैं।
3. अन्य क्वांटम प्रयास: अमरावती में 156-क्यूबिट कंप्यूटर
IBM और TCS सहयोग: एक अन्य महत्वपूर्ण विकास के रूप में, IBM और TCS ने अमरावती, आंध्र प्रदेश में 156-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर स्थापित करने के लिए साझेदारी की है। यह क्वांटम वैली पहल का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व आंध्र प्रदेश सरकार कर रही है।
महत्व: यह प्रोजेक्ट भारत के क्वांटम मिशन को और मजबूत करता है और वैश्विक स्तर पर क्वांटम प्रौद्योगिकी में भारत की स्थिति को बढ़ावा देगा।
स्थान: अमरावती को भारत का “क्वांटम वैली” बनाने की योजना है, जो क्वांटम अनुसंधान और नवाचार का केंद्र होगा।

4. कीमत के बारे में
QpiAI-Indus क्वांटम कंप्यूटर की कीमत के बारे में कोई सटीक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। यह भारत का पहला फुल-स्टैक 25-क्यूबिट सुपरकंडक्टिंग क्वांटम कंप्यूटर है, जिसे बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप QpiAI ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत विकसित किया है। इसकी लागत हार्डवेयर (सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स, क्रायोजेनिक सेटअप), सॉफ्टवेयर, और डेटा सेंटर एकीकरण पर निर्भर करती है। QpiAI इसे QpiAISaaS (Quantum Computing as a Service) के माध्यम से क्लाउड-आधारित एक्सेस के लिए प्रदान करता है, जिससे उद्योग और शोधकर्ता बिना भारी निवेश के इसका उपयोग कर सकते हैं। QpiAI ने 2019 में बूटस्ट्रैप्ड शुरुआत की और SIDBI से $6.5 मिलियन की फंडिंग प्राप्त की है, साथ ही प्रति वर्ष लगभग ₹1 मिलियन की आय अर्जित करता है। सटीक कीमत जानने के लिए QpiAI की आधिकारिक वेबसाइट (qpiai.tech) या NQM से संपर्क करना होगा।
तकनीकी विशेषताएँ
QpiAI-Indus, भारत का पहला उन्नत क्वांटम कंप्यूटर, 25 सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स के साथ संचालित होता है, जो अत्यंत कम तापमान पर काम करते हैं और जटिल गणनाओं में उच्च गति प्रदान करते हैं। यह एक फुल-स्टैक सिस्टम है, जिसमें क्वांटम प्रोसेसर, अगली पीढ़ी का क्वांटम-एचपीसी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, और AI-एन्हांस्ड सॉल्यूशंस शामिल हैं। QpiAI का लक्ष्य इसे 2 वर्षों में 128 NISQ क्यूबिट्स और 2030 तक 100 लॉजिकल क्यूबिट्स तक स्केल करना है, जो त्रुटि-सुधार के साथ विश्वसनीय गणनाएँ प्रदान करेगा। यह सिस्टम वैज्ञानिक अनुसंधान, AI मॉडल प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स अनुकूलन, और क्वांटम-सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी जैसे अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इसे भारत के क्वांटम कंप्यूटिंग क्षेत्र में एक मील का पत्थर बनाता है।
QpiAI-Indus क्वांटम कंप्यूटर रोडमैप
| इंडस (Q4 2024) | कावेरी (Q1 2026) | गंगा (Q1 2027) | एवरेस्ट (Q1 2028) |
| 25 NISQ क्यूबिट्स (सुपरकंडक्टिंग ट्रांसमॉन क्यूबिट्स)। | 64 NISQ क्यूबिट्स (सुपरकंडक्टिंग ट्रांसमॉन क्यूबिट्स)। | 128 NISQ क्यूबिट्स (सुपरकंडक्टिंग ट्रांसमॉन क्यूबिट्स)। | 1000 NISQ क्यूबिट्स (एप्लिकेशन-ऑप्टिमाइज़्ड PPU आर्किटेक्चर के साथ सुपरकंडक्टिंग ट्रांसमॉन क्यूबिट्स)। |
| लक्षित कोहरेंस समय: 60 माइक्रोसेकंड। | लक्षित कोहरेंस समय: 100 माइक्रोसेकंड। | लक्षित कोहरेंस समय: 100 माइक्रोसेकंड। | लक्षित कोहरेंस समय: 100 माइक्रोसेकंड। |
| बिल्ट-इन सरफेस कोड त्रुटि सुधार। | 2D – स्क्वायर लैटिस के साथ 3D एकीकरण। | 2D – स्क्वायर लैटिस के साथ 3D एकीकरण। | 2D – स्क्वायर लैटिस के साथ 3D एकीकरण। |
| त्रुटि दर (एरर रेट): 10⁻²। | बिल्ट-इन सरफेस कोड त्रुटि सुधार। | बिल्ट-इन सरफेस कोड त्रुटि सुधार। | बिल्ट-इन सरफेस कोड त्रुटि सुधार। |
| त्रुटि दर (एरर रेट): 10⁻²। | त्रुटि दर (एरर रेट): 10⁻³। | त्रुटि दर (एरर रेट): 10⁻³। |

1 thought on “भारत का क्वांटम कंप्यूटर QpiAI-Indus”