जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स का समापन आज होगा। समापन समारोह में दो-दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी निशाद कुमार और मोना अग्रवाल भारत के ध्वजवाहक होंगे। समारोह भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा।
भारत ने इन खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक अपने नाम किए। इनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने देश की पदक संख्या को ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचा दिया।
निशाद कुमार ने जीते दो स्वर्ण पदक
भारतीय पैरा एथलीट निशाद कुमार ने पुरुषों की टी47 श्रेणी में ऊंची कूद और लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि के साथ वह एशियन पैरा गेम्स के एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इस सूची में पैरा धावक अंकुर धामा और तीरंदाज शीतल देवी भी शामिल हैं।
मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया और विश्व रिकॉर्ड बनाया।
भारत ने तोड़ा अपना पिछला रिकॉर्ड
भारत ने इस बार 114 पदकों के साथ एशियन पैरा गेम्स में अपना पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पीछे छोड़ दिया। चीन के हांगझोऊ में वर्ष 2023 में आयोजित पिछले संस्करण में भारत ने कुल 108 पदक जीते थे। उस समय भारत के खाते में 27 स्वर्ण, 32 रजत और 49 कांस्य पदक आए थे।
इस बार भारत ने स्वर्ण पदकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की। पैरा बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी के खिलाड़ियों ने अंतिम दिन स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विशेष बात यह रही कि इन खेलों में पहली बार पैरा एथलेटिक्स भारत के लिए स्वर्ण पदकों का सबसे बड़ा स्रोत नहीं रहा। विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ने देश को नया पदक रिकॉर्ड बनाने में मदद की।
भारत का यह प्रदर्शन पैरा खेलों में देश की बढ़ती ताकत, खिलाड़ियों की मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी शानदार उपलब्धियों को दर्शाता है।