केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वर्ष 2030 तक भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का बड़ा आह्वान किया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति’ (JETCO) के 16वें सत्र के तहत आयोजित ‘जेटको बिजनेस प्लेनरी’ को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने यह बात कही। उन्होंने निरंतर जुड़ाव, मजबूत संस्थागत तंत्र और बेहतर सहयोग के माध्यम से भारत-यूके आर्थिक संबंधों को और अधिक गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों के लिए प्रगति और साझेदारी के नए दरवाजे खुलेंगे।
वाणिज्य मंत्री ने भारत और यूके के व्यापारिक समुदायों से भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) द्वारा निर्मित अवसरों को नए व्यापार, निवेश, मजबूत साझेदारी और रोजगार सृजन में बदलने की अपील की। उन्होंने सीईटीए (CETA) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर बताया, जो अधिकांश भारतीय निर्यातों को यूके के बाजार में शून्य-शुल्क (Zero-duty) पहुंच प्रदान करता है। इसके साथ ही यह समझौता विभिन्न क्षेत्रों में यूके के निर्यातकों के लिए भी नए और बड़े अवसर खोलता है। उन्होंने कहा कि इस व्यापक समझौते ने व्यापार के विस्तार, नए निर्यातकों को बढ़ावा देने और नई उत्पाद श्रृंखलाओं को पेश करने के रास्ते साफ किए हैं।
दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापारिक पूरकता पर प्रकाश डालते हुए पीयूष गोयल ने उल्लेख किया कि भारत स्मार्टफोन, फार्मास्युटिकल उत्पाद, आभूषण, कपड़ा, चमड़े के सामान, चावल, प्रमुख कृषि उत्पाद, लोहा, गैर-मिश्र धातु इस्पात, मशीनरी भागों और ऑटो घटकों का एक प्रमुख निर्यातक है। वहीं यूके के पक्ष में उन्होंने पेट्रोलियम वैल्यू चेन, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उपकरणों में प्रौद्योगिकी उत्पादों, दवाओं और मोटर कारों की आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में व्यापार विस्तार की अपार संभावनाएं जताईं।